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VIDEO…जनता बोली: अब तो डबल इंजन की सरकार है तो नागौर को भी स्मार्ट सिटी योजना में शामिल करे

- शहर सरकार से हैं उम्मीदें कि पानी की सुविधा और मल्टीस्पेशलियटी हॉस्पिटल, कचरा निस्तारण, सफाई, तकनीकी कोर्सों के संस्थान खुलने के साथ ही परिवहन व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए

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Public said: Now that there is a double engine government, Nagaur should also be included in the smart city plan

नागौर. प्रदेश की विधानसभा का चुनाव प्रक्रिया संपन्न होने के बाद अब सत्ता में बैठने वाली नई सरकार से शहर को तमाम उम्मीदें हैं। विशेषकर चिकित्सा, सडक़, पानी, बिजली, परिवहन, सफाई शिक्षा एवं व्यापारिक सुविधाओं पर विशेष उम्मीदें हैं। इसको लेकर शहर गंभीर है, और उसे उम्मीद भी है। वजह इस स्थानीय निकाय से लेकर केन्द्र तक एक ही पार्टी की सरकार है। ऐसे में विकास कार्यों को लेकर न तो कोई अवरोध आ चाहिए, और न ही किसी प्रकार के गतिरोध की स्थिति उत्पन्न होनी चाहिए।
प्रदेश में नई सरकार के आने के साथ शहरवासियों की उम्मीदों को पंख लग गए हैं। शहर में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति अच्छी नहीं है। स्थिति यह है कि जिले में न तो स्वच्छ पेयजल की सुविधा है, और न ही चिकित्सा सुविधा।सडक़ों की सुविधा के नाम पर पगडंडियों पर सफर करना इस शहर की नियती बन चुकी है। ऐसे में शहरवासी चाहते हंै कि इन क्षेत्रों में नगरपरिषद े लेकर प्रशासनिक इकाइयां बेहतर काम करे। अच्छी सडक़ें बनने के साथ ही इसको भी स्मार्ट सिटी के तौर पर पर विकसित करना चाहिए। प्रदेश सरकार नागौर शहर को भी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल करे। ताकि शहर को पानी, बिजली, ट्रांसपोर्ट एवं चिकित्सा की उच्चीकृत चिकित्सा सेवाओं से जोडऩे का काम तेजी से किया जा सके।

सरकार को इस पर देना चाहिए ध्यान
शहरवासियों से शहर के विकास की नई सरकार से क्या उम्मीदें रखते हैं विषय पर बातचीत हुई तो उनका मानना है कि अभी तो मूलभूत सुविधाओं को ही पाने का संघर्ष चल रहा है। यह सुविधाएं ही पर्याप्त दृष्टि से नहीं मिल पा रही है तो फिर उच्चीकृत विकास कैसे कर पाएंगे। नया दरवाजा के रामकुमार, राजू, जितेन्द्र का कहना है कि मूलभूत सुविधाओं को बेहतर करने पर पहले ध्यान देना चाहिए। इसके साथ ही चिकित्सा हो या फिर शिक्षा अथवा व्यापारिक क्षेत्र, इन सभी में सरकार की ओर से बेहतर कार्य करना चाहिए। ताकि सभी क्षेत्रों में समुचित रूप से विकास हो सके। इसके साथ ही असंगत तरीके से डाली गई सीवरेज लाइन की जांच कर निर्धारित मापदण्ड के तहत बिछवाने का कार्य करना चाहिए। इस तरह के कार्य में विभागों का समन्वय नहीं की स्थिति में खामियाजा आम को भुगतना पड़ता है। इसलिए इस पर भी ध्यान देना चाहिए।
शहर बोला: नई सरकार से यह हैं उम्मीदें
सडक़ें और और यातायात बेहतर हो
स्मार्ट सिटी बनाने के लिए यहां सडक़ों की गुणवत्ता पर ध्यान देना होगा। हर साल सडक़ों की मरम्मत होती है। जिम्मेदार विभाग गुणवत्ता पर ध्यान दें तो सडक़ों की सेहत सालभर अच्छी रह सकती है। इसके साथ ही शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए भी प्लान बनाने की जरूरत है। इसमें पार्किंग स्थलों के निर्माण, चौराहों एवं सडक़ों से अतिक्रमण हटाना, सडक़ों की तकनीकी खामियों को दुरुस्त कराने जैसे कार्य कराने होंगे।
पेयजल
शहर में पेयजल आपूर्ति का तंत्र मजबूत करने की जरूरत है। पेयजल आपूर्ति स्वच्छ होने के साथ निर्धारित मापदण्डों के तहत होनी चाहिए। इसलिए केन्द्र और राज्य सरकार से मिलने वाली वित्तीय मदद से सुधार करने की जरूरत है। यदि अतिरिक्त फंड की आवश्यकता है तो सरकार से मांग करनी चाहिए। शहर में जहां भी पुरानी लाइन बिछी हो। उसे हटाकर नई पेयजल लाइन बिछाए जाने के साथ ही पेयजल का मानक डल्यूएचओ
सफाई
सफाई की व्यवस्था की प्रभावी निगरानी की जाए। नागरिकों को भी सहयोग के लिए जागरूक किया जाए। कचरे का निस्तारण सही जगह पर सही प्रक्रिया से किया जाना चाहिए। इसके लिए शहर में कचरा ट्रांसफर स्टेशन और कचरा प्रोसेसिंग प्लांट लगाने की जरूरत है। ठोस कचरा प्रसंस्करण संयंत्र को लगाने के के साथ ही इसे प्रभावी रूप से लागू करने की आवश्यकता है।
ऑक्सीजन सिटी पार्क
शहर में सुबह भ्रमण करने के लिए पार्कों को सुविधाओं से सज्जित करने की जरूरत है। पार्कों को ऑक्सीजोन सिटी पार्क विकसित किया जा सकता है। शहर के प्रमुख आवासीय एवं के किनारे को भी रिवरफ्रंट के रूप में विकसित किया जा सकता है। कोटा में नगर निगम और नगर विकास न्यास से कई नवाचार किए हैं। वहां रिवरफ्रंट और ऑक्सीजोन भी विकसित हो रहा है। इस तरह की पहल नागौर में भी की जा सकती है।
बेहतर हो रोड लाइट व्यवस्था
नागौर शहर के सभी क्षेत्रों में बेहतर स्ट्रीटलाइट व्यवस्था होनी चाहिए। इसके साथ ही शहर में बिजली के तारों का जाल होने के कारण स्थिति खराब रहती है। इसलिए शहर में अंडर्रगाउण्ड बिजली व्यवस्था होनी चाहिए। ट्रेफिक व्यवस्था के लिए सिग्नल प्वांइट आदि बनने चाहिए।
निर्माणाधीन ओवरब्रिज जल्द बनना चाहिए
शहर के बीकानेर रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज का निर्माण निर्माण अब तक पूरा नहीं हो पाया। इसका निर्माण कार्य पिछले चार से पांच सालों से लंबित पड़ा हुआ है। इसके पूर्ण निर्माण होने के बाद शहर को यातायात व्यवस्था में आंशिक रूप से राहत मिल सकती है। सरकार को यह काम तेजी से कराना चाहिए।
उच्चीकृत चिकित्सा सुविधा का अभाव
शहर में जिला अस्पताल तो है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर यह कस्बाई डिस्पेंसरी बनने के साथ ही रेफरल अस्पताल बनकर रह गया है। यहां पर सर्दी, जुकाम आदि की दवाएं तो मिल जाती है, लेकिन शूगर, हार्ट, किडनी, मस्तिष्क, नर्वस सिस्टम जांच करने वाले विशेषज्ञय चिकित्सकोंं का अभाव होने के साथ ही सोनोग्राफी, एमआरआई आदि की सुविधा भी नहीं है। यही नहीं, निजी संस्थानों में भी जयपुर एवं जोधपुर सरीखे जिलों की तरह यहां पर मल्टीस्पेशलियटी हॉस्पिटल तक नहीं हैं। इन सुविधाओं से नागौर को भी सज्जित करने का काम सरकारक को करना चाहिए।
यह भी है शहर की प्रमुख समस्याएं
नागौर शहर की बड़ी समस्याओं में प्रमुख मार्गो, रिहायसी क्षेत्रों में फैले रहने के वाले गंदगी के अंबार के साथ ही जल प्रदूषण भी शामिल है। प्रदूषण के प्रभाव को कम करने के लिए आधुनिक तकनीक की मशीनों और जल उपचार प्रक्रिया को कड़ाई से लागू करना होगा। इसके अलावा शहर के पूरी तरह से क्लीन करने के लिए आधुनिक संयंत्रों की व्यवस्था करने के साथ ही शहर की यातायात व्यवस्थाओं को भी प्रमुख रूप से व्यवस्थित करना होगा।
उद्यम लगाने की सुविधाएं
शहर में बीकानेर रोड एवं बासनी क्षेत्र में रीको एरिया तो है, लेकिन सुविधाओं को पूरी तरह से अभाव है। यहां पर उद्यम लगाने के साथ ही व्यापारिक एवं मार्केटिंग की बेहतर सुविधाओं के विकास की करने की जरूरत है। विशेषकर काश्तकारों को जैविक उत्पाद एवं सामान्य उत्पाद को और बेहतर तरीके से प्रोत्साहित करने के साथ ही सरकारी स्तर पर बाजार विकसित करने की जरूरत है। ताकि शहर के साथ ही ग्रामीण जनजीवन भी बेहतर हो सके। पान मेथी के लिए अलग से मंडी होनी चाहिए। इसके साथ ही जैविक उत्पादों के लिए भी सरकारी स्तर पर ही प्रयास कर इनकी मंडी में उत्पादों को बिकवाने का प्रबन्ध करना चाहिए।
शिक्षण व्यवस्था
उच्चीकृत शिक्षण व्यवस्था केाटा एवं जयपुर तथा जोधपुर सरीखे जिलों मे ंतो उपलब्ध है, लेकिन नागौर में नहीं। यहां से काफी संख्या में लोग बेहतर अध्ययन करने के लिए दूसरे जिलों में पलायन करने करते हैं। इसके लिए भी जनप्रतिनिधियों व सामाजिक संगठनों को मिलकर योजनागत तरीके से काम करने की जरूरत है।
परिवहन व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए
नागौर शहर में हवाई अड्डा बनना चाहिए। एयरपोर्ट की सुविधाएं मिलने से कम समय में व्यापारिक क्षेत्र से जुड़े लोग देश व दुनिया से सीधा जुड़ सकेंगे। इसके साथ ही केन्द्रीय बस स्टैंड में वाल्वो, स्लीपर बसों के साथ ही मापदण्ड के तहत सभी आवश्यक सुविधाएं होनी चाहिए। मसलन ग्रामीण क्षेत्रों के साथ ही प्रदेश एवं देश के जिलों में भी बसों का आवागमन सुचारु रूप से संचालित कराना चाहिए। ताकि लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा का मिल सके।
इसकी सुविधा भी दे सरकार
सोशल मीडिया या राह चलते अथवा किसी संस्थान में महिलाओं या लड़कियों के साथ अमर्यादित व्यवहार करने आदि के मामलों में कार्रवाई के लिए अलग से सेल बनाना चाहिए। इसमें महिलाएं कॉल करें तो उनकी पहचान पूछने की जगह जांच कर कार्रवाई करने के बाद संबंधित नंबर पर एसएमएस आदि के माध्यम से त्वरित निस्तारित कर अधिकृत रूप से सूचना देने की व्यवस्था होनी चाहिए। ताकि महिलाएं कहीं भी बेफिक्र होकर आवागमन कर सकें।
यह सुविधाएं 24 घंटे मिलनी चाहिए
स्मार्ट सिटी द्वारा चुने गए शहरों में 24 घंटे बिजली एवं पानी की सुविधा होने के साथ ही उचित ट्रांसपोर्ट सुविधा होना चाहिए। इसके लिए स्मार्ट सिटी मिशन के तहत सडक़ो का उचित वर्गीकरण होना चाहिए। जिसके तहत फुटपाथ एवं वाहन पाथ उचित तरह से बनाए जाने चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि स्मार्ट शहरों में कई विशेषताएं शामिल होती हैं। जिनमें एक स्मार्ट स्वास्थ्य प्रणाली, शासन, परिवहन प्रणाली, सुरक्षा के लिए बेहतर निगरानी, स्मार्ट बुनियादी ढांचा, बेहतर नौकरी के अवसर के साथ ऐसी सुविधाएं होनी चाहिए। जिससे कि आराम से जीवन यापन करती हैं। इसमें यह भी देखा जाता है कि शहर में जनता के लिए सार्वजनिक सुविधाएं हैं या नहीं, और हैं तो उनका स्तर कैसा है। इसके अलावा मैनूफैक्चरिंग, खेती की सुविधाओं को विकसित करना आदि है।
जनता कहिन...
सरकार को व्यापारिक सुविधाएं बेहतर करने पर ध्यान देना चाहिए। इस बार उम्मीदें हैं कि अब तक उपेक्षित रहे नागौर की सुध अब सरकार लेगी। डबल इंजन की सरकार है तो फिर विकास में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए। विशेषकर परिवहन की दृष्टि से यहां पर हवाई अड्डा सरकार को जल्द बनवाना चाहिए।
भोजराज सारस्वत, स्पाइस बोर्ड सदस्य
मेडिकल कॉलेज बनाए जाने का काम जल्द ही पूरा होना चाहिए। ताकि शहर एवं आसपास के लोगों को उच्चीकृत चिकित्सा सुविधा का लाभ हो सके। इसके साथ ही एमसीएच विंग को जल्द ही पुराना हॉस्पिटल में स्थानांतरित करने के साथ ही इसमें चिकित्सा संसाधनों को इसे सज्जित करने की जरूरत है। ताकि अस्पताल में आने वालों को सभी सुविधाएं यही एक जगह ही मिल सके। खुले में मांस बिक्री पर रोक लगाने के साथ गैर लाइसेंसी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
डॉ. हापूराम चौधरी
नई सरकार से अपेक्षा यह है कि पुराने हॉस्पिटल का उपयोग , विशेष कर महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य के प्रयोजन से किया जाये। जो भी सरकारी जमीन है, उसको सुरक्षित किया जाये ताकि भू माफियों की हरकतों पर लगाम लगे। शहर के सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाये। छात्रों के हितार्थ विश्वविद्यालय की स्थापना की जाये। जिला मुख्यालय पर इंजीनियरिंग एवं वेटनरी कॉलेज की स्थापना करवाई जाये।
डॉ. शंकरलाल जाखड़, पूर्व प्राचार्य मिर्धा महाविद्यालय
शहर के विकास के लिए आवश्यक बजट की व्यवस्था करने के साथ ही सरकार को नागौर शहर में भी सफाई व्यवस्था बेहतर करने के लिए सफाई कर्मियों की भर्ती की स्वीकृति करनी चाहिए। पिछली सरकार ने तो अन्य जगहों पर भर्तियां की,लेकिन नागौर में नहीं की। यह काम जल्द ही करना चाहिए।
मीतू बोथरा, सभापति नगरपरिषद नागौर
नई सरकार के साथ नागौर कि जनता एक नया सपना सांझे के रखा है जो के आज से आज तक के नागौर से बहुत ऊपर हो जिसमेनागौर का चाहुमुखी विकाश हो नागौर को वास्तविक रूप से एक जिला मुख्यालय के जैसे लगे क्यों के आज से आज तक नागौर नाम से ही बस जिला मुख्यालय है पर सिटी के अंदर और बाहर कि हालत बहुत ही दयनीय स्थिति मे है। विकाश के साथ साथ चरमराई सिविरेंज पानी कि समस्या का भी समाधान हो
यतिराज धनावत, पार्षद