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नागौर में हर साल 12 करोड़ की तम्बाकू खा-पी जाते हैं हम

विश्व तम्बाकू निषेध दिवस विशेष: युवाओं में बढ़ रहा तम्बाकू सेवन का नशा- चिकित्सकों के अनुसार मुंह व गले के कैंसर का कारण तंबाकू सेवन- नागौर जिले में नहीं कोई नशा मुक्ति परामर्श केंद्र

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World Tobacco Prohibition Day

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नागौर. एक समय था जब 'नशा' करना 'शान' समझा जाता था और अब 'नशा', 'शान' की बजाए 'नाश' का कारण बनता जा रहा है। वैश्विक वयस्क तंबाकू सर्वेक्षण (गेट्स-2) 2016-17 की रिपोर्ट के अनुसार भारत में नशा करने वालों की संख्या 27.87 करोड़ वयस्क हैं, जो कुल वयस्क जनसंख्या के 28.6 प्रतिशत हैं। तम्बाकू सेवन से होने वाली मौतों की संख्या देश में 12 लाख और राजस्थान में प्रतिदिन 220 तथा प्रति वर्ष 80 हजार से अधिक है। प्रदेश में तम्बाकू उपभोगी पुरुषों की संख्या 1.65 करोड़ है तो महिलाओं की संख्या भी 38 लाख के करीब है।

यदि नागौर की बात करें तो जिले में लगभग 6.33 लाख वयस्क तम्बाकू का इस्तेमाल करते हैं। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार जिले की जनसंख्या 33 लाख प्लस है और वर्तमान में अनुमानित जनसंख्या 38 लाख पहुंच चुकी है। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि वर्तमान में तम्बाकू उपभोग करने वालों की संख्या करीब 8 लाख पहुंच चुकी है। गेट्स-2 की रिपोर्ट के अनुसार जिले में प्रति दिन 3 करोड़, 16 लाख, 98 हजार रुपए, प्रतिमाह 95 करोड़ और प्रति वर्ष 1157 करोड़ रुपए तम्बाकू उत्पादों पर खर्च किए जा रहे हैं, जो प्रदेश में जयपुर और अलवर के बाद सबसे अधिक है। चिंता का विषय यह भी है कि नशे की प्रवृत्ति युवाओं में ज्यादा बढ़ रही है। गेट्स के आंकड़े वयस्क जनसंख्या हैं, जबकि हमारे समाज में बच्चे भी तम्बाकू का सेवन करने लग गए हैं। इधर, जिला मुख्यालय के जेएलएन अस्पताल में मनोचिकित्सक एवं काउंसलर का पद भी रिक्त है, ऐसे में नशा मुक्ति का अभियान भी बंद है।

मिक्स हम कर लेंगे
सरकार ने तम्बाकू युक्त गुटखा पर रोक लगाई तो कम्पनियों ने तम्बाकू व पान मसाला की अलग-अलग पैकिंग करके बेचना शुरू कर दिया। तम्बाकू खाने के शौकिन दोनों पाउच लेकर मिक्स करते हैं और फिर खाते हैं। अचरज की बात यह है कि तम्बाकू के पाउच पर कैंसर को लेकर फोटो युक्त चेतावनी होने के बावजूद लोग पैसे देकर खा रहे हैं।

पिछले साल एक लाख 42 हजार से ज्यादा चालान काटे

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के डीपीओ साकिर खान ने बताया कि तम्बाकू मुक्त राजस्थान अभियान के अंतर्गत पिछले एक साल में एक लाख 41 हजार से अधिक चालान काटे गए हैं। इसमें प्रतिबंधित सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान करने पर वर्ष 2022-23 में कुल 78,689 चालान काटे गए, जिससे एक लाख, 26 हजार 329 रुपए का राजस्व वसूल किया गया। इसी प्रकार प्रतिबंधित क्षेत्र में सिगरेट सहित अन्य तम्बाकू उत्पाद बेचने व 18 साल से कम उम्र के किशोरों को तम्बाकू उत्पाद बेचने वालों के 274 चालान काटकर 9432 रुपए का राजस्व वसूल किया गया। शिक्षण संस्थाओं के 100 गज की दूरी में सिगरेट व तम्बाकू उत्पाद बेचने वालों के खिलाफ 62 हजार 984 चालान काटकर एक लाख 69 हजार 467 रुपए का राजस्व वसूल किया गया है।

तम्बाकू सेवन से कैंसर का खतरा

फेफड़े, मुंह व गले का 90 फीसदी कैंसर तंबाकू उत्पादों के सेवन से होता है। तंबाकू सेवन से दिल की बीमारी, लकवा, डायबिटिज, गठिया, फेफड़ा रोग आदि का जोखिम बढ़ जाता है। कुछ लोग कुतर्क करते हैं कि तम्बाकू का सेवन करने के बावजूद कैंसर नहीं हुआ। इस बारे में मेरा कहना है कि तेज गति से वाहन चलाने पर जरूरी नहीं कि दुर्घटना हो, लेकिन दुर्घटना की संभावना जरूर रहती है।
- डॉ. सहदेव चौधरी, वरिष्ठ फिजिशियन, जेएलएन अस्पताल, नागौर