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Rajasthan News : जीवन की सार्थकता देने में है : गुलाब कोठारी

राजस्थान पत्रिका के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी ने मुख्य वक्ता के रूप में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यहां जो बैठे हैं उनकी आंखों में देने का भाव है। धर्म हमें देना सिखाता है।

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Nagaur News : नागौर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज लाडनूं दौरे पर रहे, जहां उन्होंने जैन विश्व भारती विश्वविद्यालय में विकास कार्यों का शिलान्यास किया। इस मौके पर केन्द्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे, जबकि राजस्थान पत्रिका के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी ने मुख्य वक्ता के रूप में कार्यक्रम को संबोधित किया। मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि यहां मुझे शिलान्यास का अवसर मिला है। यहां से मेरा पुराना रिश्ता है।

उन्होंने जैन संतों की पावन धरा को नमन करते हुए कहा कि आचार्य महाश्रमण वर्ष 2026 में यहां एक साल के लिए प्रवास करेंगे, यह समाज के साथ पूरे प्रदेश के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने जैन विश्व भारती संस्थान के सात सूत्रीय मंत्र की बात करते हुए कहा कि यह जैन धर्म के संरक्षण का काम कर रही है। सीएम शर्मा ने नालंदा विश्वविद्यालय का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने नया जीवनदान दिया है।

शर्मा ने कहा कि आचार्य तुलसी ने आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना का काम किया। इसका लाभ पूरे समाज को मिला। मुख्यमंत्री ने पावन धरा से प्रदेश के विकास और प्रगति की कामना की। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि आचार्य तुलसी ने 1949 में अणुव्रत गीत लिखा, जो दिल्ली तक गूंजा। उनके अणुव्रत में अणु बम जितना प्रभाव था, लेकिन सकारात्मक। उन्होंने समाज में फैली कुरीतियों को मिटाने का काम कि या।

राजस्थान पत्रिका के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी ने मुख्य वक्ता के रूप में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यहां जो बैठे हैं उनकी आंखों में देने का भाव है। धर्म हमें देना सिखाता है। कोठारी ने कहा कि हमें पेङ़ बन जाना है, बीज से पेङ़ बनता है, पेङ़ बनने के लिए अपना दान करना पङेगा, जमीन में गङऩा पङ़ेगा, अपना अस्तित्व गंवाना पङ़ेगा, तभी पेङ़ बन पाएंगे और दूसरों को फल व छाया दे सकेंगे।

उन्होंने कहा कि कोई भी पेङ़ अपना फल खा नहीं सकता, जो अपने फल खाने की इच्छा रखता है, वो समाज को कुछ नहीं दे सकता। कोई भी टहनी, पत्ता, तना खुद के लिए काम नहीं करते हैं। सब अपना अपना कर्म करते हैं। कोठारी ने आगे कहा कि जीवन को अगर सार्थकता देनी है, तो वो देने में ही है। अभी एक ही काम बाकी है, वो है विश्व को कुछ देने का काम है, जो अभी शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने संस्थान में विकास कार्यों के शिलान्यास की व सबको बधाई दी।

उन्होंने कहा कि बड़े- बड़े काम हो रहे हैं और सब मिलकर कर रहे हैं। हम जो कुछ समाज के लिए कर रहे हैं वो परोक्ष रूप से अपने लिए ही कर रहे है। कोठारी ने कहा कि नई पीढी को एक बात समझ लेनी चाहिए कि विकास करें, लेकिन जड़ को नहीं छोड़ें। हमारी जड़ जमीन में गड़ी रहनी चाहिए।