19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

चेंज मेकर अभियान से नए लोग रखेंगे राजनीति में कदम

- पत्रिका बदलाव के नायक

2 min read
Google source verification
nagaur news

nagaur hindi news

राजस्थान पत्रिका का चेंज मेकर अभियान राजनीति के लिए वरदान साबित होगा। इसके अंदर युवा और योग्य लोगों को राजनीति में आने का अवसर मिलेगा। जिससे वंशवाद तथा परिवारवाद खत्म होगा। नए तथा योग्य लोग राजनीति में आएंगे। जिससे युवा लोगों और जनता के बीच रहने वाले लोगों का उत्साहवर्धन होगा। इससे वह लोग राजनीति नहीं कर पाएंगे। जो अपने पारिवारिक संबंधों के कारण या फिर अपने पीछे सरकारी नौकरी से राजनीति करते है तथा सिर्फ लोगों को अपने पूर्वजों की दुहाई देकर वोट लेते है। यह सारी चीजें इस अभियान में बदल जाएगी। मेरा प्राथमिक उद्देश्य यही रहेगा कि जनता के वास्तविक जरुरतमंद कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण किया जाएगा। जिसमें शिक्षा, चिकित्सा, पानी, बिजली, सड़कें, शामिल है।
हनुमान बांगड़ा, चेंज मेकर

वंशवाद का खात्मा जरूरी
राजस्थान पत्रिका का यह अभियान सराहनीय पहल है। इससे सबसे बड़ा फायदा होगा कि जिस व्यक्ति की कोई भी राजनीति में पृष्ठभूमि ही नहीं रही हो वो आगे आ सकेगा। पत्रिका के चेंज मेकर अभियान के माध्यम से आमजन से यही कहना चाहुंगा कि राजनीति में चल रहे वंशवाद को खत्म किया जाए। किसी को भी आगे भेजते हैं तो उसे धर्म, जाति या अपना देखकर ना भेजें बल्कि ऐसे को भेजें जो वास्तव में कार्य कर सकता हो। चेंज मेकर के रूप में मेरा नामांकन करने का प्रमुख उद्देश्य बेरोजगार को रोजगार ? दिलाना है। वर्तमान में बिजली, पानी, सड़क की व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ चुकी है इसे सही करवाना ही मेरा प्रथम कार्य होगा।
मोहम्मद जावेद अनवर गौरी
महिलाओं को आगे लाना जरुरी
राजस्थान पत्रिका के अभियान को सब और से सराहना मिली है। मेरा चेंज मेकर में नामंाकन करने का मुख्य उद्देश्य यह है कि देश में महिलाओं के नाम पर हो रही राजनीति को खत्म करना। हम देखें तो वर्तमान समय में कोई महिला पार्षद भी बन जाए तो उसकी जगह उसका पति, ससुर या फिर भाई राजनीति करता है जो कि सरासर गलत है। महिला को चुनाव में खड़ा किया था तो वो ही राजनीति करें न की कोई अन्य। मेरा लक्ष्य बालिका शिक्षा पर बढ़ावा रहेगा। एक महिला किसी बात को ठान लेती है तो वो उसे पूरा करके ही दम लेती है।
शमा परवीन