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1008 आसन से एक साथ गूंजा राम-राम तेहिं सुमिरन कीन्हा…

- सुंदरकाण्ड की 58 चौपाई और 60 दोहों के उच्चारण से धर्ममय हुआ माहौल - अद्भुत-अविस्मरणीय : धर्म नगरी में श्रीरामचरित मानस के पंचम सोपान सुंदरकांड पाठ में जुटा शहर

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1008 आसन से एक साथ गूंजा राम-राम तेहिं सुमिरन कीन्हा...

मेड़ता सिटी. हवन कुंड के पास राधा-कृष्ण के समक्ष सुंदरकाण्ड पाठ करते शहरवासी।

मेड़ता सिटी ( नागौर). धर्म नगरी मंगलवार को सही मायने में धर्म के मंगल रंग में रंगी दिखी। नगर सेठ का दरबार सुंदर शब्दों से गदगद हो उठा। मौका था श्रीरामचरित मानस के पंचम सोपान सुंदरकाण्ड के पाठ का। यह 2:15 घंटे मेड़ता वासियों के लिए अद्भुत और अविस्मरणीय थे। जब 1008 आसन पर बैठे महिला-पुरुषों ने सुंदरकाण्ड के 3 श्लोक, 2 छन्द, 58 चौपाई, 60 दोहे और 6241 शब्दों का वाचन किया। जिसमें भाग लेकर खुद को धन्य बनाने के लिए पूरे शहर जुटा। दरअसल, वर्तमान परिपेक्ष्य में लोगों की भागदाैड़ भरी जिंदगी के बीच पुरानी संस्कृति का स्मरण करने के साथ सूतक एवं चंद्रग्रहण को देखते हुए सुंदरकाण्ड पाठ का सामूहिक वाचन किया गया।

8 ब्लॉकों में बैठने की व्यवस्था, अद्भुत नजारा
सुंदरकाण्ड पाठ को लेकर श्रद्धालुओं के बैठने के लिए चारभुजा मंदिर के मुख्य चौक, हवन कुंड हॉल, परिक्रमा का पूरा स्थान, सत्संग भवन सहित बड़े-बड़े 8 ब्लॉकों में व्यवस्था की गई। प्रत्येक वाचक के लिए आसन, श्री रामचरित मानस रखने के लिए स्टैंड, गंगाजल की व्यवस्था की गई। जब एक-एक कर 1008 श्रद्धालु इन पर बैठे तो नजारा अद्भुत हो गया और मंदिर परिसर खचाखच भर गया।
1 मिनट का मौन सत्संग, 10 मिनट में हनुमान चालीसा

चारभुजा मंदिर में दोपहर 1:04 से 3:11 मिनट यानी सवां 2 घंटे में सुंदरकाण्ड पाठ के बाद 3:12 से लेकर 3:13 तक मौन सत्संग हुआ। इसके बाद 3:13 से 3:23 बजे तक हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। उल्लेखनीय है कि मंदिर में इन 1008 वाचकों के अलावा भी करीब 250 से 300 लोग और जुटे, जिनके बैठने के लिए अलग से कुर्सियों की व्यवस्था की गई।