
नागौर. 1990 में निकाली गई रामज्योति रथ यात्रा का नागौर पहुंचने पर स्वागत करते युवा।
नागौर. अयोध्या में 22 जनवरी को आयोजित राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर लोगों में काफी उत्साह है। आयोजन की तिथि नजदीक आने के साथ इस दिन का भावभीना स्वागत करने को लेकर हर कोई उत्सुक है। खासतौर पर वे लोग जिनके परिवार से कोई ना कोई 1990 व 1992 में रामकाज के लिए कार सेवा करने अयोध्या गया था। रामकाज को अमली जामा पहनाने से पहले वर्ष 1990 में विश्व हिन्दू परिषद की ओर से देशभर में रामज्योति रथ निकाले गए थे। अयोध्या से रवाना हुए इन रामज्योति रथों ने देशभर में राम के काज के लिए लोगों को जागरूक करने का कार्य किया। नागौर जिले में सात रथों के माध्यम से करीब 530 स्थानों पर राम ज्योति पहुंचाई गई। इस तरह लगभग 31 हजार 500 परिवारों में रामज्योति पहुंची।
नागौर जिले में प्रवेश पर हुआ भव्य स्वागत
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ता हेमन्त जोशी ने बताया कि रामज्योति रथ यात्रा का नागौर में प्रवेश करते ही लोगों ने भव्य स्वागत किया था। जायल में किसी कारणवश रथ देरी से पहुंचे पर लोग डटे रहे और गर्म जोशी से स्वागत किया। वहां से रवाना होकर रामज्योति रथ चार घंटे देरी से रात करीब 11 बजे नागौर जिला मुख्यालय पहुंचा था, लेकिन रामज्योति के दर्शनों के लिए लोगों में उत्साह की कोई कमी नहीं थी। उत्साह की पराकाष्ठा यह थी कि करीब 9 से 10 हजार लोग श्रद्धा भाव से राम ज्योति के दर्शन करने पास के चैनार गांव पहुंच गए। चैनार से 4-5 किलोमीटर दूर सैकड़ों दुपहिया वाहनों पर युवा रथयात्रा की अगवानी करने के लिए तैयार खड़े थे।
जगह -जगह रथ रोककर माता बहनों ने की पूजा
रामज्योति के नागौर में प्रवेश करते ही जोरदार स्वागत किया गया। माता-बहनों ने जगह- जगह रथ को रोककर पूजा की।
रोल में थानेदार ने पहले किया विरोध फिर चढाई भेंट
इस रथ यात्रा से कई विशेष अनुभव भी जुड़े। जायल में रामज्योति स्वागत का व्यापक स्तर पर कार्यक्रम हुआ था। रोल गांव में एक थानेदार ने रामज्योति कार्यक्रम के दौरान जुलूस निकालने का पहले तो विरोध किया बाद में उसने कार्यक्रम से प्रभावित होकर श्रद्धा राशि भेंट की। बोला राम के कार्य में मैं पीछे कैसे रह सकता हूं। मूण्डवा में श्रद्धालुओं ने भाव विह्वल होकर इतनी गुलाल उछाली की शहर की सडक़ें लाल हो गई थी।
किसानों ने चढाए मतीरे
रामज्योति रथ नागौर- मूण्डवा मार्ग से गुजर रहा था, तभी खेतों में काम करने वाले किसान अपना काम छोड़ दौडकऱ आए और रथ का स्वागत किया। उनके पास चढ़ावे के लिए कुछ नहीं था तो ककड़ी और मतीरा ही भेंट चढ़ा दिया। हरसोलाव व थांवला में ग्रामीणों ने ढोल व तुरी बजाकर रामज्योति का स्वागत किया।
एक महिलाने चढ़ाई अंगूठी भेंट
राम ज्योति रथयात्रा के दर्शन को लेकर लोगों में इतना जुनून था कि हर कोई राम मंदिर के काम में किसी ना किसी तरह सहभागी बनना चाहता था। नागौर के मेवड़ा गांव में रथ पहुंचने पर माताएं -बहने खेत-खळिहानों से निकलकर दौड़ती हुई रथ के पास पहुंची और ज्योति के दर्शन किए। उनके पास जो कुछ था उसे भेंट स्वरूप चढाया। यहां एक माता के पास चढ़ाने के लिए कुछ नहींं था तो उसने तत्काल अपनी अंगुली से सोने की अंगूठी निकाली और भेंट चढ़ा दी। छोटे से गांव मेड़ता रोड में तो देर रात तक लोग इंतजार में खड़े रहे। गांव में पचास से अधिक स्वागत द्वार लगाए थे।
Published on:
17 Jan 2024 04:57 pm

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