
जायल में महाराणा प्रताप जयंती समारोह में मंचस्थ अतिथि।
जायल. सद्गुरु कबीर आश्रम सेवा संस्थान के तत्वावधान में सोमवार को राजपूत सभा भवन के पास महाराणा प्रताप की 483 वीं जयंती समारोह पूर्वक मनाई गई।
आश्रम के महंत डाॅ. नानकदास महाराज के सानिध्य में आयोजित समारोह के दौरान निकाली गई शाही रथयात्रा सुवादिया बास पानी की टंकी, गणेश चौक, सदर बाजार, बस स्टैंड होकर स्थल पहुंची। रथयात्रा में लोक कलाकारों ने प्रस्तुति देकर माहौल को देशभक्ति से ओतप्रोत कर दिया।
समारोह के मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय पोलो खिलाड़ी भवानी सिंह कालवी ने कहा कि महाराणा प्रताप के जीवन चरित्र से हमें यह प्रेरणा मिलती है कि कभी भी स्वाभिमान के लिए समझौता नहीं करना चाहिए। कालवी परिवार के प्रति जो विश्वास छतीस कौम ने प्रकट किया है, सभी जाति वर्ग व सम्प्रदाय को साथ लेकर सभी के हितों की रक्षा पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे।
अध्यक्षता करते हुए पद्मश्री हिम्मताराम भाभ्बू ने कहा कि घास की रोटी खाकर भी महाराणा प्रताप ने गुलामी स्वीकार नहीं की। हिन्दू धर्म की रक्षा के लिए जीवन पर्यन्त संघर्ष जारी रखा, लेकिन अधीनता स्वीकार नहीं की।
भारत रक्षा मंच के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण शर्मा ने कहा कि भारत हिन्दू राष्ट्र है, इसे कोई नकार नहीं सकता है।धर्म व संस्कृति की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। राजपूत समाज के पूर्व अध्यक्ष बालसिंह बोड़िन्द, धनसिंह भावला, प्रेम सिंह सांजू, मेघवाल समाज अध्यक्ष किशनाराम मेघवाल, भूराराम मेघवाल, बावरी समाज अध्यक्ष हिम्मताराम बावरी, माहेश्वरी समाज अध्यक्ष नथमल दरक, पीपा दर्जी समाज अध्यक्ष माणकचन्द भाटी, ब्राह्मण समाज अध्यक्ष बंकटलाल रिणवां,सांई सेवा संस्थान के अध्यक्ष शैतान सिंह सांगवा, भाजपा पदाधिकारी रामानुज शर्मा, अम्बालाल पाराशर, राकेश चोटिया,राजूसिंह रोहिणा, राजस्थानी साहित्यकार पवन पहाड़िया सहित कई वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के जीवन चरित्र व वीरता संबंधित जानकारी दी। समारोह में बड़ी तादाद में राजपूत समाज व भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
Published on:
23 May 2023 12:28 pm

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