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106 माइंस पर रॉयल्टी दर की मार, चाइना क्ले कारोबार हुआ ठप

- खदानों में एलएनटी-जेसीबी शांत, नतीजा- 8 दिनों में 6 करोड़ का कारोबार प्रभावित- 4 सितंबर से काम बंद, प्रतिदिन लदान होने वाले 150 ट्रकों के पहिये जाम

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 106 माइंस पर रॉयल्टी दर की मार, चाइना क्ले कारोबार हुआ ठप

बंद पड़ी चाइना क्ले की माइंस

मेड़ता सिटी (नागौर). मेड़ता क्षेत्र के इंदावड़ सहित 8 प्रमुख चाइना क्ले उत्पादक गांवों में पिछले 8 दिनों से एलएनटी एवं जेसीबी शांत है। श्रमिक ठाले बैठे हैं और रोजाना इधर-उधर गुजरने वाले ट्रकों के पहिये थमे हुए हैं। जिसका खामियाजा प्रतिदिन लाखों रुपए के नुकसान के रूप में चाइना क्ले उद्यमी उठा रहे हैं। सरकार की ओर से राॅयल्टी दर बढ़ाने एवं मेड़ता में पिछले दिनों हुए प्रदर्शन के बाद से चाइना क्ले का व्यापार बंद है। हालात यह है कि जिन खदानों में रोजाना 150 ट्रक चाइना क्ले लदान हो रहा था वहां अभी सन्नाटा पसरा हुआ है। इस विरानी की शुरुआत हुई सरकार की ओर से चाइना क्ले पर राॅयल्टी दर 20 रुपए बढ़ाने के साथ।

जानकारी के अनुसार राज्य सरकार के माइनिंग विभाग ने चाइना क्ले पर रॉयल्टी चार्ज को 65 से बढ़ाकर 85 कर दिया। दिक्कत यही खत्म नहीं होती। इन पर 10 फीसदी डीएमएफटी चार्ज और 2 प्रतिशत आरएसएमटी चार्ज लगाया जाता है। जिससे प्रतिटन चाइना क्ले की दर हो जाती है 95.20 रुपए। रही-सही कसर पूरी कर देती है इस पर लगने वाली 18 प्रतिशत जीएसटी। कुल मिलाकर अब अगर चाइना क्ले व्यापारी कारोबार करते हैं तो उनके लिए यह घाटे का सौदा होगा। इसकी वजह से मेड़ता क्षेत्र के आधा दर्जन चाइना क्ले उत्पादन वाले गांवों में 4 सितंबर से चाइना क्ले का काम ठप है।

एक नजर
- 2002 से प्रचुर मात्रा में हो रहा चाइना क्ले का उत्पादन
- 50 लाख रुपए का नुकसान 8 दिनों में सरकार को हुआ राजस्व के रूप में
- 75 लाख रुपए का प्रतिदिन गांवों में हो रहा का नुकसान
- 6 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ 8 दिनों में उद्यमियों को
- 150 ट्रक प्रतिदिन लदान होते चाइना क्ले के
इन गांवों में प्रभावित हो रहा काम, 106 माइंस

मेड़ता उपखंड क्षेत्र में इंदावड़, लुणियावास, लाम्बाजाटान, मोकलपुर, बासनी कच्छावा, बड़गांव, शेखासानी, फालकी प्रमुख गांव है, जहां चाइना क्ले का कारोबार होता है। माइनिंग विभाग गोटन के तहत आने वाले इन खनि क्षेत्रों में 106 चाइना क्ले की माइंस हैं। जहां से सालाना माइनिंग विभाग को करोड़ों का राजस्व मिलता है।

मेड़ता से जयपुर पहुंचे उद्मी, खनन मंत्री से मिलकर बताई पीड़ा
इधर, मेड़ता से शुक्रवार को जयपुर गए चाइना क्ले एसोसिएशन अध्यक्ष भूराराम भाकर, सचिव श्रवणराम डूकिया, सुरेश भाकर, श्रीपाल भाकर, निर्मल भाकर, सुरेश डूकिया, रामेश्वर भाकर, नेमाराम डूकिया, परसाराराम खदाव, भूराराम डिडेल, पप्पूराम धोलिया, कुन्नाराम खदाव, मंगलाराम डिडेल, पांचाराम इंदावड़ सहित उद्यमियों ने राज्य खनन मंत्री प्रमोद भाया जैन से मुलाकात की। इस दौरान खनन मंत्री भाया ने उद्यमियों की पूरी बात सुनने के बाद सकारात्मक आश्वासन देते हुए मामले को लेकर सेक्रेटरी को निर्देश दिए। इसके बाद सेक्रेटरी व उद्यमियों की बीच भी बैठक के दौरान रॉयल्टी दर कम करने को लेकर सकारात्मक वार्ता हुई।

व्यापारी कहिन...
राजस्व बढ़ाने के चक्कर में बिना मूल्याकंन के किया फैसला
सरकार का यह गलत कदम है। सरकार ने इन खनि पदार्थो के रेट के बिना मूल्यांकन किए ही राजस्व बढ़ाने को लेकर यह फैसला कर दिया। जबकि सरकार के रॉयल्टी दर बढ़ाने के इस फैसले से उन्हें रेवन्यू में घाटा हो रहा है।

- मंगलाराम डिडेल, प्रबंधक, भावना माइंस इंदावड़
सरकार के खजाने को सीधा नुकसान, बेरोजगारी भी बढ़ेगी
चाइना क्ले के बाजार में 70 प्रतिशत माल 200 रुपए टन का है। जो रॉयल्टी बढ़ने के कारण बंद हो गया। जिससे सरकार के खजाने को सीधा नुकसान हो रहा है। माइंस बंद रहने से बेरोजगारी भी बढ़ जाएगी। यह सरकार का गलत निर्णय है, जिसे जल्द वापस लेना चाहिए।