
जेल के भीतर दो महिला बंदियों ने जमकर दादागिरी मचाई। पहले तो एक अन्य महिला बंदी के साथ मारपीट की, बाद में इन्हें छुड़ाने आई महिला प्रहरी तक को नहीं छोड़ा।
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
नागौर. जेल के भीतर दो महिला बंदियों ने जमकर दादागिरी मचाई। पहले तो एक अन्य महिला बंदी के साथ मारपीट की, बाद में इन्हें छुड़ाने आई महिला प्रहरी तक को नहीं छोड़ा। दो महिला प्रहरियों से मारपीट कर खूब हुड़दंग मचाया। इस बाबत कोतवाली थाने में मामला दर्ज हुआ है। हनी ट्रेप समेत सात-आठ मामलों की आरोपी कमला उर्फ कोमल और हत्या के मामले में बंद सरोज के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। सरोज करीब तीन साल से जेल में बंद है तो कमला उर्फ कोमल तीसरी बार जेल की हवा खा रही है।
सूत्रों के अनुसार घटना मंगलवार की रात करीब नौ बजे की है। नागौर जेल की महिला सेल में क्षमता को छह बंदियों की है। इस समय यहां करीब पंद्रह महिला बंदी और दो छोटे बच्चे हैं। यहां कमला उर्फ कोमल, सरोज के साथ अन्य महिला बंदी हैं। इनमें डीडवाना की परमेश्वरी भी है जो चोरी के आरोप में यहां बंद है। क्षमता से अधिक बंदी होने और जगह की कमी के चलते कई दिनों से भीतर महिला बंदी आपस में कहासुनी कर रहे थे। कमला उर्फ कोमल और सरोज ने मंगलवार की रात परमेश्वरी को दूर जाने के लिए कहा। इस दौरान उन्होंने परमेश्वरी से धक्का-मुक्की भी कर डाली। हल्ला सुनकर महिला प्रहरी सरिता और कमला भीतर गई। सरिता ने सरोज व कोमल को दूर करने की कोशिश की तो इन दोनों ने उसके बाल पकड़ लिए और उससे हाथापाई करना शुरू कर दी। दूसरी महिला प्रहरी कमला ने जैसे-तैसे सरिता को छुड़ाया। इस दौरान सरिता भी बेहोश हो गई। अचानक हुए इस हुड़दंग के बाद जेलर राजमहेंद्र, डिप्टी जेलर जय सिंह समेत पूरा जेल स्टाफ वहां पहुंचा। सरिता को तुरंत जेएलएन अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद जेलर राजमहेंद्र की ओर से देर रात ही कोतवाली थाने में मामला दर्ज करवाया गया।
छुआछूत और पानी पर भी झगड़ा
सूत्र बताते हैं कि असल में क्षमता से ज्यादा महिला बंदी होने से जगह की कमी तो थी ही, परमेश्वरी के आने के बाद उसे ज्यादा परेशान किया जाने लगा। खुद को लेडी डॉन कहने वाली कमला उर्फ कोमल के साथ सरोज ने परमेश्वरी को दूर रहने, उसमें बदबू आने की बात कहकर परेशान करना शुरू कर दिया। यहां तक कि उसके बिस्तर तक फेंकते, उसे पानी तक नहीं पीने देते। मंगलवार की रात मामला ज्यादा बिगड़ गया। पहले परमेश्वरी पर दादागिरी की, फिर बीच-बचाव करने आई सरिता और कमला को भी नहीं छोड़ा।
कमला उर्फ कोमल पर सात-आठ मामले
कमला उर्फ कोमल पर सात-आठ मामले दर्ज हैं। तकरीबन पौने दो साल पहले उस पर हनी ट्रेप का मामला दर्ज हुआ था। उसके बाद मादक पदार्थ तस्करी, अवैध हथियार समेत अन्य मामलों में भी वो नागौर जेल में आती-जाती रहती है। उसके साथ की सरोज भी यहां उसके पति की हत्या के आरोपी कातिलों की हत्या कराने की साजिश रचने और एक जने की हत्या के मामले में विचाधीन कैदी है। वो भी करीब ढाई-तीन साल से यहां बंद है।
फरवरी में भी हुई थी ऐसी वारदात
गत 27 फरवरी को नागौर जेल में बंद मूण्डवा थाने के हिस्ट्रीशीटर सुभाष जाट ने नर्सिंग अफसर कैलाश दान पर दवा फेंकी। यही नहीं जेल प्रहरी नवनीत सिंह से हाथापाई कर उसकी वर्दी भी फाड़ दी थी। इस संबंध में कोतवाली थाने में भी मामला दर्ज हुआ।
जेल ठसाठस
नागौर जेल में बंदियों की संख्या काफी अधिक है। पुरुष बंदियों की क्षमता करीब 70 है, जबकि अभी सवा सौ से अधिक हैं। महिला बंदियों की क्षमता छह है, लेकिन रह रही हैं पंद्रह। ऐसे में अनेक समस्याओं से जेल प्रबंधन को रोजाना दो-चार होना पड़ रहा है।
इनका कहना
महिला बंदी कमला उर्फ कोमल और सरोज ने महिला प्रहरी सरिता और कमला के साथ मारपीट की। एक अन्य बंदी परमेश्वरी के साथ भी उनका बर्ताव छुआछूत का रहा। इस संबंध में कोतवाली थाने में मामला दर्ज करा दिया है।
-राज महेंद्र, जेलर नागौर जेल
Published on:
11 Aug 2022 09:15 pm
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