
Sawan's last Monday today in five auspicious coincidences with Sarvarth Siddhi and good luck
नागौर. सावन मास का अंतिम सोमवार बेहद खास है। इसी दिन सावन का आखिरी प्रदोष व्रत भी होगा। इसके साथ ही इस दिन सावन पुत्रदा एकादशी का पारण भी होगा। ज्योतिषविदों के अनुसार इस सावन मास की आखरी सोमवारी व्रत पर पांच शुभ संयोग बने हैं। अंतिम सावन सोमवार के दिन प्रदोष व्रत, आयुष्मान योग, सौभाग्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग का शुभ संयोग है। सावन मास का आखिरी सोमवार और प्रदोष व्रत 28 अगस्त को दिन सोमवार को होने के साथ ही इस दिन सावन पुत्रदा एकादशी व्रत का पारण एवं सोम प्रदोष व्रत होने के कारण भोले के भक्तों के लिए बेहद खास रहेगा। इधर सावन मास के अंतिम सोमवार को लेकर मंदिरों में भी तैयारियां रविवार देर शाम तक चलती रही। शहर के प्रमुख मंदिरों में सावन के अंतिम सोमवार को महादेव का विशेष पूजन, अर्चन एवं रूद्राभिषेक आदि के कार्यक्रम होंगे। इसी क्रम में शहर के बड़लेश्वर महादेव मंदिर में अमरनाथ गुफा की तर्ज पर बाबा बर्फानी की झांकी सजाई जाएगी। इसको लेकर मंदिर समिति के अधिकारी तैयारियों में जुटे रहे।
ज्योतिषविदों के अनुसार यह सोमवार सावन मास होने की वजह से पहले से विशेष की श्रेणी में आ गया था, लेकिन प्रदोष व्रत, आयुष्मान योग, सर्वार्थ सिद्धि योग एवं रवि योग होने की वजह से बहुत ज्यादा खास हो गया है। सिंह राशि में बुध और सूर्य के होने से बुधादित्य नाम का राजयोग भी इस दिन रहेगा। इस दिन व्रत एवं अभिषेक करने के साथ ही विशेष पूजन करने का फल भी खास मिलेगा। पंचांग के अनुसार 28 अगस्त को सावन के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है। इसके बाद त्रयोदशी तिथि आरंभ हो जाएगी। इस दिन सोम प्रदोष व्रत भी रखा जाएगा। इसलिए ज्योतिषविदों का कहना है कि अब तक सोमवार को शिव अर्चन नहीं कर पाने वाले इस दिन शिव अर्चन कर अभिषेक करेंगे तो भोले की कृपा मिलेगी।
इस तरह से करें अंतिम सोमवार को पूजन
सोमवार की सुबह स्नान आदि करने के बाद व्रत-पूजा का संकल्प लें। ऊपर बताए गए किसी एक शुभ मुहूर्त में पूजा शुरू करें। सबसे पहले शिवलिंग पर शुद्ध जल चढ़ाएं, फिर दूध से अभिषेक करें और एक बार पुन: शुद्ध जल अर्पित करें। दीपक लगाएं। पूजन के दौरान मां पार्वती और नंदी जी को भी गंगाजल या दूध अर्पित करने के साथ ही पंचामृत से रुद्राभिषेक करें। शिवजी को जनेऊ, शहद, बिल्वपत्र, भांग, धतूरा, अबीर, गुलाल, रोली आदि चीजें चढ़ाएं। इस दौरान ऊं नम: शिवाय मंत्र का जाप करने के बाद फिर भोग का अर्पण किया जाएगा। इसके बाद शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, भांग, चंदन का लेप, चावल आदि अर्पित करें। फिर भगवान शिव, मां पार्वती और गणेश जी को तिलक लगाकर समापन करें। इस दौरान ओम नम: शिवाय मंत्र का जाप करें।
11 हजार किलो के बर्फ से सजेंगे बर्फानी बाबा
बड़लेश्वर महादेव मंदिर में 11 हजार किलो की बर्फ से बाबा बर्फानी को विराजित किया जाएगा। इनको विराजित करने का कार्य वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया जाएगा। इसको पूरी तरह से मूर्त रूप में 151 शिलाओं को इसमें लगाया जाएगा। शाम सवा 7 बजे तक श्रद्धालु इसके दर्शन कर सकेंगे। शाम को ही साढ़े 7 बजे महाआरती का आयोजन होगा। इसमें पूजन-अर्चन का कार्यक्रम संत सान्निध्य श्रीबालार्ज धाम के महामंडलेश्वर आचार बजरंगदास एवं ओमकार सनातन वेद शक्तिपीठ फागली के महंत लक्ष्मीनारायण के सानिध्य में किया जाएगा। कार्यक्रम स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमडऩे की संभावना को देखते हुए रास्ता आदि साफ करने के साथ ही अन्य तैयारियों को देर रात्रि तक अंतिम दिए जाने में लोग जुटे रहे। समिति एवं कार्यकर्ताओं की ओर से टेंट एवं लाइट आदि की व्यवस्था की जा रही है।
अन्य मंदिरों में भी होंगे कार्यक्रम
सावन के मास के अंतिम सोमवार को शहर के विभिन्न मंदिरों में भी महादेव के अभिषेक आदि के कार्यक्रम होंगे। इसमें नया दरवाजा, शिवबाड़ी, हाउसिंग बोर्ड, काठडिय़ा का चौक, मानासर, बंशीवाला स्थित पातालेश्वर महादेव, बाठडिय़ा का चौक, गणेश बावड़ी, बालवा गांव में नर्मदेश्वर महादेव मंदिर भूतनाथ आदि मंदिरों में श्रद्धालु महामृत्युंजय मंत्र के जाप के साथ ही शिव ताण्डव स्तोत्र, शिव चालीसा के साथ रूद्रास्टाध्यायी संहिता आदि का पाठ किया जाएगा।
Updated on:
27 Aug 2023 09:55 pm
Published on:
27 Aug 2023 09:54 pm

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