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पुत्र के वियोग में श्रवण के माता-पिता ने त्यागे प्राण

राउमावि परिसर में चल रही 53 वीं रामलीला के रविवार के रात के मंचन में भक्त प्रहलाद, हिरण्यकश्प वध का मंचन किया गया

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पुत्र के वियोग में श्रवण के माता-पिता ने त्यागे प्राण

mertaroad news

मेड़ता रोड. कस्बे के राउमावि परिसर में चल रही 53 वीं रामलीला के रविवार के रात के मंचन में भक्त प्रहलाद, हिरण्यकश्प वध का मंचन किया गया। उसके बाद श्रवण द्वारा अपने माता-पिता को तीर्थ करवाने के दौरान पानी भरने के समय दशरथ के द्वारा तीर मारने से मौत हो जाने के दृश्य दिखाए गए। आरती के बाद अंधे माता पिता को श्रवण कुमार तीर्थ करवाने के लिए उन्हें लेकर जाता है। श्रवण जब नदी में पानी भरने जाता है दशरथ सोचता है कि कोई पशु आ गया है तब तीर चलाता है तो श्रवणकुमार के लग जाता है। जो अपने अंधे माता-पिता के लिए पानी लेने आता है। श्रवण की मौत होने पर श्रवण के माता पिता राजा दशरथ को चार संतान पैदा होने व मृत्यु के समय एक भी पास में नहीं होने का श्राप देते है। दशरथ का रामअवतार शर्मा, श्रवण का जनार्दन शर्मा, श्रवण के पिता का हरिदत्त शर्मा, हिरण्यकश्प का कैलाश चंद शर्मा, नृसिंह का गजेन्द्र सहित राजू, शिवप्रकाश आदि कलाकारों ने मंचन किया।