
श्रीकृष्ण कथा गृहस्थ को भी परमहंस बना देती है
मूण्डवा. निकटवर्ती गांव के रामझुंपड़ा आश्रम में गुरुजी की सोलहवीं बरसी पर हो रही श्रीमदï् भागवत कथा में त्यागी संत हेतमराम महाराज ने कहा कि भागवत कथा लौकिक आशक्ति को नष्ट कर अलौकिक प्रेमरस भर देती है। कृष्णकथा और उनकी लीलाओं के चिंतन से मन को निर्विषयी बनाने से कण-कण में भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन होते हैं। प्रेम भरी कृष्ण कथा गृहस्थ को भी परम हंस बना देती है। बृज की गोपियां गृहस्थ होते हुए भी श्रीकृष्ण प्रेम में डूबने से उत्तमोंउत्तम परमहंस है। कथा के दौरान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के प्रसंग को धूमधाम से मनाया गया।
संगीतमय कथा में यशोदा मां के हुयो लाल बधाई सारे भक्तों ने..., तूही दिखे रे काना म्हारां गोकुल की कांकड़ में ..., आज म्हारे कानुड़ा रे कांई हुयो इन्हें किनरी निजरा लागी रे... जैसे भजनों पर श्रद्धालु भाव विभोर होकर झूम उठे। पूरा पांडाल श्रीकृष्ण की भक्ति से सरोबार होकर श्रीकृष्ण के जयकारे लगाने लगा।
Published on:
10 Dec 2018 05:18 pm
बड़ी खबरें
View Allनागौर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
