19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नागौर की कचौरी: फिर चखा स्वाद, बड़े दिनों बाद ताजा हुई याद

खस्ता कचौरी व मिर्चीबड़े के स्टॉल सजे, दुकानें खुली तो लोग खरीदकर घर ले गए, दुकानों में बैठाकर खिलाने की परम्परा तो मानों अब हवा हो गई

2 min read
Google source verification
नागौर की कचौरी: फिर चखा स्वाद, बड़े दिनों बाद ताजा हुई याद

नागौर. शहर में गर्म नमकीन की दुकान पर कचौरी तलता हलवाई।

नागौर. बाजार गए हैं तो खस्ता कचौरी व मिर्चीबड़े का स्वाद चखे बगैर रह नहीं सकते। लेकिन, यहां तो दो माह से बाजार ही बंद था। अब दुकानें खोलने में रियायत मिली तो नमकीन की दुकानों के शटर भी ऊपर हो गए। बाजार में खस्ता कचौरी व मिर्ची बड़ों के स्टॉल सजने लगे हैं। हालांकि दुकान में बैठाकर खिलाने की परम्परा अब हवा हो चुकी है, लेकिन गर्म नमकीन का स्वाद जरूर चखा जा सकता है। लोग घर ले जाने के लिए ऑर्डर देकर गर्म नमकीन बनवा रहे हैं। दुकानदार भी अपने यहां सामग्री पैक करने का ही काम कर रहे हैं, ताकि संक्रमण से बचा जा सके। हलवाई बाजार में गर्म नमकीन के स्टॉल खुलने से लोगों में खुशी दिखी। अर्से बाद लोगों ने बाजार की कचौरी व मिर्ची बड़े का स्वाद चखा। लोग सामग्री पैक करवा कर घर ले गए।

पूरा कारोबार चौपट हो गया
कढ़ाही में कचौरी पलट रहे हलवाई ने बताया कि लॉक डाउन में पूरा कारोबार चौपट हो गया। घर बैठे परेशान हो गए थे। लगभग दो माह से बेरोजगार थे और उनके यहां काम करने वाले कारीगर, वेटर आदि भी ठाले बैठे रहे। लॉक डाउन लगाार बढ़ते रहने एवं दुकानें खुलने के आसार नजर नहीं आए तो कुछ लोग अपने गांव भी चले गए।

पहले कतार लगती थी, अब सूनापन
अभी दुकानें खोली गई है, लेकिन एहतियातन लोगों की भीड़ नहीं होने दे रहे। शहर में विभिन्न जगहों पर गर्म नमकीन की दुकानें संचालित है। इनमें से कुछ दुकानें ख्यातनाम भी है एवं यहां कचौरी व मिर्ची बड़ों के लिए लोग अक्सर कतार में रहते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है। एक-एक कर ग्राहक आते हैं और माल पैक करवा कर ले जाते हैं। दुकानदारों ने बताया कि पहले वाली स्थिति कब तक लौट पाएगी कहना मुश्किल है।

लेन-देन की अलग व्यवस्था
बाजार में गर्म नमकीन का स्वाद लेने वाले लोग दुकानें खुलने से खुश है। अर्से बाद बाजार की कचौरी व मिर्ची बड़ों का स्वाद चखा जा रहा है। दुकानदार मुकेश ने बताया कि गाइड लाइन का पूरा पालन कर रहे है। ग्राहकों को सामग्री पैक कर भेज देते हैंं। भुगतान लेने के लिए अलग टोकरी बना रखी है, बड़े नोट उसमें डलवा देते हैं। छुट्टे पैसे वापस देने के लिए अलग काउंटर बनाया है, ताकि संक्रमण का खतरा न रहे।

ग्राहकों की संख्या में कमी आई
दिल्ली दरवाजा क्षेत्र में हलवाई की दुकान चलाने वाले रामनिवास गहलोत ने बताया कि ग्राहकों की संख्या में अब काफी फर्क पड़ गया है। पहले की बनिस्पत बीस से पच्चीस फीसदी ग्राहक ही आ रहे हैं। सरकारी गाइड लाइन की पालना करते हुए दुकान संचालित की जा रही है। व्यापार धीरे-धीरे पटरी पर आने की उम्मीद है।