
The rain water turned on the wishes of the farmers
कुचेरा. क्षेत्र में पिछले तीन दिन से लगातार हो रही बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। लगातार हो रही बारिश के कारण किसानों पर कहर बरपा है। क्षेत्र के कई गांवों में मूंग की कटी फसल खेतों में पड़ी है। ऐसे में पिछले करीब 50 घण्टे से रुक रुककर हो रही बारिश से खेतों में पानी भर गया। खेतों में भरे पानी से मूंग की कटी फसल पानी में डूबी रहने व बादलों छाए रहने से फसल खराब हो गई है। किसानों ने बताया कि फसल नष्ट हो जाने से किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के खजवाना, ग्वालू, पालड़ी जोधा, ढाढरिया कलां, निम्बड़ी चांदावतां, ढाढरिया खुर्द, आकेली बी, सिंधलास, लूणसरा, भावला, पुनास, राजोद, चकढाणी, बिचपुड़ी, सूर्यनगर, विष्णुनगर, करा सोडा, खियांस, दुधड़ास, भादवासी, दुगौर, हिरणीढाणी, नैणास आदि गांवों में बोई गई मूंग की अगेती फसल पक चूकी है। अब लगातार हो रही बारिश के कारण इन फसलों में भारी नुकसान हुआ है।
बीमा कम्पनी की राह ताक रहे किसान
बारिश के कहर से भारी नुकसान के बाद अब किसान बीमा कम्पनी की राह देख रहे हैं। खजवाना उपसरपंच छोटूराम रोज ने बताया कि इस बार फसल अच्छी थी। किसानों को अच्छी पैदावार की उम्मीद थी। लेकिन कटाई के समय पर भारी बारिश के चलते कटी हुई फसल चौपट हो गई हंै। हालांकि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अधिकतर किसानों ने फसल बीमा करवा रखा है। लेकिन कागजी कार्रवाई में पेचीदगी के चलते किसानों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। गौरतलब है कि खजवाना सहित आस पास के क्षेत्र जानना, इंदोकली, देशवाल, पालड़ी जोधा सहित अनेक गांवों में खरीफ की बम्पर बुवाई हो रखी है। इसमें मूंग, बाजरा, ज्वार, ग्वार, व कपास प्रमुख है । हालांकि कपास और बाजरे के लिए भी यह बारिश नुकसानदायक है। लेकिन मूंग फसल होने की उम्मीद न के बराबर है।
फलियों में ऊगने लगे मूंग
किसानों ने बताया कि कई जगह किसान मूंग की फसल की कटाई कर रहे हैं। जिससे कटी फसल के छोटे छोटे ढेर खेतों में लगे हुए हैं। जिन्हें सूखने के बाद खलिहानों में एकत्रित किया जाएगा। लगातार बारिश से पके मूंग की फसल धराशायी हो गई है। मिट्टी के सम्पर्क में आने व लगातार बारिश से मूंग की फलियों में ही दाने अंकुरित होने लग गए हैं। इससे किसान चिंतित हैं।
बारिश से कटी मूंग फसल गलने लगी
लाम्बा जाटान ञ्च पत्रिका. कभी कम तो कभी ज्यादा बारिश होने से खरीफ फसलों को लेकर किसानों परेशान है। मूंग व कपास की खेती करने वाले किसान ज्यादा ही परेशान हैं। उनका कहना है कि अगर ऐसे ही मौसम बना रहा तो सारी फसल के सडऩे का खतरा पैदा हो सकता है। पिछले चार पांच दिनों में हुई बारिश में फसलें पूरी तरह से भींग गई थीं। किसान उन गीली फसलों को सुखाने की जुगत में लगे रहे। अब रविवार दोपहर बाद से शुरू बारिश में उन फसलों को फिर से तिरपाल से ढकना पड़ा। ये गीली फसलों से अब दुर्गंध आने लगी है।
Updated on:
13 Sept 2021 06:26 pm
Published on:
13 Sept 2021 06:22 pm
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