
Nagaur. Cars are parked outside houses like this
-बिना पार्किंग वाहन खरीदने की होड़ से आवासीय क्षेत्रों, सार्वजनिक स्थलों की बिगड़ी हालत
नागौर. कार पार्किंग के लिए जगह नहीं है तो फिर आपका रजिस्ट्रेशन नहीं हो सकता है, लेकिन यहां पर जगह नहीं होने के बाद भी रजिस्ट्रेशन धड़ल्ले से हो रहा है। कारण पार्किंग की जगह दर्शाने के लिए पेश हो रहे हलफनामा की जांच करने की जगह केवल खानापूर्ति कर दी जाती है। हलफनामा में दर्शायी गई जगह का भौतिक सत्यापन में प्रावधानों की पालना ही जिम्मेदारों की ओर से नहीं की जाती है। इसके चलते गली-कालोनियों में सडक़ों का दम घुट गया है, और चौड़ी सडक़ें भी गलियों में बदल गई हैं।
स्टेटस का सिंबल माने जाने वालों के चार वाहन खरीदने की होड़ ने सडक़ों का सत्यानाश कर दिया है। न तो पार्किंग के लिए सार्वजनिक स्थलों पर कोई जगह बची है, और न ही घरों में पार्किंग की जगह है। इसके चलते किसी भी क्षेत्र में निकल जाइये, कारें आपको घरों के बाहर ही खड़ी मिलेगी। वजह पार्किंग के लिए घरों में जगह तो नियमानुसार बनाई नहीं, और फर्जी हलफनामा पेश कर चार पहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन करा लिया। इसकी सूक्ष्मता से पड़ताल की गई तो लोहिया चौक, काठडिय़ा का चौक, बाठडिय़ा का चौक, व्यास कॉलोनी, इंदिरा कॉलोनी, सैनिक बस्ती, केन्द्रीय बस स्टैंड के पीछे, बाजरवाड़ा, माही दरवाजा, अजमेरीगेट क्षेत्रों में ज्यादातर कारें या चार पहिया वाहन घरों के बाहर ही पार्किंग किए गए मिले।
इसकी नहीं हो रही पालना
पूर्व में एक प्रकरण के दौरान हाईकोर्ट ने एक आदेश में कहा था कि सिर्फ उन्हीं कारों का रजिस्ट्रेशन होना चाहिए। जिनके पास पार्किंग है। हालांकि हकीकत ठीक इसके उलट है। कारों के रजिस्ट्रेशन के दौरान घरों में पार्किंग का दिया जाने वाला शपथ पत्र 70 फीसदी फर्जी होता है। इसका परिणाम यह हुआ कि गली-कालोनियों में बने रास्तें अब तंग गलियों में बदलकर रह गए। इसके चलते आवागमन भी प्रभावित होता है, लेकिन फिर भी इसकी जांच नहीं की जाती है। जांच नाम पर केवल खानापूर्ति कर दी जाती है। यह स्थिति तब है जबकि आबादी भी पिछले दस सालों के दौरान दो से तीन गुना बढ़ृ गई है। वाहनों के नियंत्रण करने के लिए हाई कोर्ट ने घरों में पार्किंग का शपथ-पत्र लेने का परिवहन विभाग को आदेश दे रखे हैं।
इसकी पालना होने पर ही वाहनों का हो सकता है पंजीकरण
1-कार खरीदने के दौरान शपथपत्र देकर बताना होगा कि मेरे पास कार खड़ी करने के लिए जगह है।
2-परिवहन विभाग में कार का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए जो अड्रेस प्रूफ दिया जाएगा, उसके फोटो खींचकर डॉक्युमेंट्स के साथ जमा करने होंगे। फोटो में पार्किंग की जगह दिखानी होगी।
3-जिस अड्रेस प्रूफ पर कार का रजिस्ट्रेशन कराएंगे, वहां पहले से कितनी गाडिय़ां मौजूद हैं इसकी जानकारी भी देनी होगी।
4-किरायेदार को भी पार्किंग की सहमति के लिए अपने मकान मालिक का सहमति पत्र लगाना होगा।
4-जिस घर के पास जितनी पार्किंग की जगह है उस घर के मालिक और किरायेदार उससे ज्यादा गाड़ी नहीं खरीद सकते।
पार्किंग के लिए इतनी जगह होनी चाहिए
आवासीय क्षेत्रों में पार्किंग के लिए नेशनल बिल्डिंग कोड दिशा निर्देश के अनुसार चार पहिया वाहन के लिए पार्किंग की जगह कम से कम 13.75 वर्ग मीटर होनी चाहिए। हाउसिंग सोसायटी में दोपहिया वाहन के लिए पार्किंग की जगह कम से कम 1.25 वर्ग मीटर होनी चाहिए। एक छोटी कार के लिए, पार्किंग की जगह करीब 2.5 मीटर चौड़ी और 5 मीटर लंबी होनी चाहिए। बड़ी कार के लिए, पार्किंग की जगह करीब 3 मीटर चौड़ी और 6 मीटर लंबी होनी चाहिए। इसके अलावा, कार को आराम से पार्क करने और दरवाज़े खोलने के लिए भी जगह की ज़रूरत होती है।
पार्किंग पर नहीं हो सकता कोई निर्माण
प्रावधानों के अनुसार पार्किंग दर्शायी जाने वाले स्थान पर कोई भी भौतिक विभाजन या निर्माण नहीं किया जा सकता। अपार्टमेंट अधिनियमों के मुताबिक, सदस्य पार्किंग की जगहों को कवर या दोबारा इस्तेमाल नहीं कर सकते। उन्हें सोसायटी की तरफ़ से आवंटित पार्किंग स्लॉट को बेचने या ट्रांसफऱ करने का अधिकार भी नहीं है। यही नहीं, आवासीय या व्यवसायिक स्थल का नक्शा भी बिना पार्किंग के स्थानीय निकायों की ओर से स्वीकृत नहीं किया जा सकता है।
इनका कहना है...
वाहनों के पंजीयन के दौरान प्रावधानों की पूरी पालना कराई जाती है। इसके भी पालना नहीं हो रही है तो फिर इसकी जांच कर प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
ओमप्रकाश चौधरी, जिला परिवहन अधिकारी नागौर
Published on:
25 Feb 2024 09:31 pm
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