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सरकारी विभाग के कार्यालय में घुसे चोर, सभी फाइलें बिखेरी

- रिपोर्ट भी दो दिन बाद दर्ज, सिर्फ मोबाइल चोरी की बात बता रहे विभागीय अफसर, कमरे के ताले टूटे, अलमारी तक खोली, विभाग की सभी फाइलें बिखरी पड़ी मिली, चोरी या खास टारगेट को लेकर खाना-तलाशी, कुम्हारी रोड स्थित सामाजिक कल्याण एवं अधिकारिता विभाग कार्यालय का वाकया

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शहर में सरकारी कार्यालय की चोरी

शहर में सरकारी कार्यालय की चोरी ने बहुतों को संदेह के घेरे में खड़ा कर दिया। हालांकि चोरी तो सिर्फ यहां से मोबाइल ही गया, लेकिन सभी कमरों के ताले तोड़कर बिखरी फाइलें व अस्त-व्यस्त सामान के साथ कम्प्यूटर में हुई छेड़छाड़ ने पुलिस के ही नहीं विभागीय अधिकारियों तक के कान खड़े कर दिए हैं।


नागौर. शहर में सरकारी कार्यालय की चोरी ने बहुतों को संदेह के घेरे में खड़ा कर दिया। हालांकि चोरी तो सिर्फ यहां से मोबाइल ही गया, लेकिन सभी कमरों के ताले तोड़कर बिखरी फाइलें व अस्त-व्यस्त सामान के साथ कम्प्यूटर में हुई छेड़छाड़ ने पुलिस के ही नहीं विभागीय अधिकारियों तक के कान खड़े कर दिए हैं।

सूत्रों के अनुसार रविवार की रात हुई इस चोरी/हेराफेरी की रिपोर्ट मंगलवार को डाक के जरिए कोतवाली थाने पहुंची है। वाकया कुम्हारी दरवाजा रोड स्थित उप निदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग कार्यालय का है। असल में यह कार्यालय राजकीय बालिका अम्बेडकर छात्रावास के ऊपर संचालित है। रविवार की रात करीब दस बजे किसी राहगीर ने छात्रावास अधीक्षक निर्मला चौधरी का दरवाजा खटखटाकर सूचना दी कि कार्यालय में कोई व्यक्ति ऊपर कार्यालय में है। इस पर चौधरी ने कोतवाली थाना पुलिस व उपनिदेशक जगदीश चांगल को फोन पर सूचित किया। बाद में ये लोग कार्यालय पहुंचे तो अवाक रह गए। कार्यालय के सभी कमरों के ताले टूटे पड़े थे, फाइलों के साथ अन्य सामान भी अस्त-व्यस्त था। सभी अलमारियों के दरवाजे भी खुले पड़े थे। विभागीय योजनाओं की फाइलों के साथ विशेष योग्यजन से संबंधित सामान भी बिखरा पड़ा था। इससे साफ जाहिर हो रहा था कि चोर किसी खास तलाशी में यहां आया था। फिलहाल एक मोबाइल गायब मिला है हालांकि अन्य सामग्री फाइल अथवा किसी वस्तु के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है। नीचे बालिका छात्रावास और ऊपर स्थित कार्यालय में इस तरह की गड़बड़ी किसी के गले नहीं उतर रही।

छात्रावास के पीछे से घुसा शातिर

सूत्रों का कहना है कि पुलिस अधिकारियों ने मौका-मुआयना किया। प्राथमिक तौर पर सामने आया कि शातिर बालिका छात्रावास के पीछे से घुसा और कार्यालय तक पहुंचा। उसने कार्यालय के सभी कमरों के ताले तोड़े और फाइलों के साथ अलमारी में भी खासी तलाशी ली। बावजूद इसके अभी मोबाइल ही चोर के ले जाने की बात सामने आ रही है। साल के आखिरी दिन विभागीय कार्यालय में इस तरह फाइल सहित अन्य सामान में की जा रही तलाशी से संकेत मिले हैं कि शातिर चोर कोई खास टारगेट लेकर ही आया था। ऐसा तो नहीं कि फाइल में किसी गड़बड़ी अथवा कम्प्यूटर के जरिए कोई घालमेल करने की सोच लेकर चोर आया हो। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। जांच हैड कांस्टेबल साहनलाल को सौंपी गई है। वारदात के दो दिन बाद दर्ज हुई रिपोर्ट भी कई सवाल पैदा कर रही है। पुलिस का भी मानना है कि चोर इस तरह सरकारी विभाग में नहीं जाते। इसकी भी वजह खंगाली जा रही है।

पहले भी दो बार हो चुका प्रयास
विभाग के उपनिदेशक जगदीश चांगल ने बताया कि इससे पहले भी दो बार यहां चोरी का प्रयास हो चुका है। सीसीटवी कैमरे में एक युवक नजर आ रहा है। फाइल/कम्प्यूटर से कोई खास छेड़छाड़ नहीं की गई है। पहले यहां से चोर नल ले गए थे। यह जरूर है कि आसपास रेकी करने वाला ही यहां आया होगा।