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पिकअप पलटने से तीन महिलाओं की मौत, 11 घायल

-शोक सभा में शामिल होकर लौट रहे थे, घायलों में तीन की हालत गंभीर, आठ जेएलएन अस्पताल में उपचाररत, तीन बार पलटी गाड़ी

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पिकअप पलट गई

श्रीबालाजी थाना इलाके में ऊंटवालिया गांव के पास शुक्रवार की दोपहर में एक पिकअप पलट गई। हादसे में तीन महिलाओं की मौत हो गई , जबकि ग्यारह जने घायल हो गए।


पत्रिका न्यूज नेटवर्क

नागौर. श्रीबालाजी थाना इलाके में ऊंटवालिया गांव के पास शुक्रवार की दोपहर में एक पिकअप पलट गई। हादसे में तीन महिलाओं की मौत हो गई , जबकि ग्यारह जने घायल हो गए। तीन गंभीर घायलों को जोधपुर रेफर किया गया है। सभी लोग एक ही परिवार के थे। वे एक शोकसभा में शामिल होकर लौट रहे थे। बताया जाता है कि सामने से आ रही किसी गाड़ी से बचने की वजह से संभवतया मोड़ पर पिकअप पलटी।

पुलिस के अनुसार हादसा दोपहर करीब डेढ़ बजे हुआ। ऊंटवालिया निवासी गाड़ी मालिक भंवराराम (34) अपने परिवार के साथ खेतास गांव से किसी शोक सभा में शामिल होकर लौट रहा था। ऊंटवालिया की सरहद पर गाड़ी पलट गई। तेज रफ्तार में चल रही यह पिकअप तीन बार पलटी। हादसा होते ही वहां चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग घायलों को संभालने भागे। सूचना मिलने पर श्रीबालाजी थाना हैड कांस्टेबल बेनीराम मय टीम यहां पहुंचे। स्थानीय लोगों ने आसपास में गाडि़यां मंगाई तो इधर एम्बुलेंस भी पहुंची और हताहत लोगों को जेएलन अस्पताल पहुंचाया।

गाड़ी में सवार भंवराराम की मां चम्पादेवी (50) के साथ गंगा देवी (50) व मंगी देवी (42) की मौत हो गई। रतनाराम (46), संतोष देवी (40) व मानी (50) को गंभीर हालत में जोधपुर रेफर किया गया। अन्य घायल भंवराराम, लिछमा देवी (50), जगदीश (35), आसाराम (52), लालूराम (50), मंजू (32), जीमा देवी (34) समेत आठ का नागौर के जेएलएन अस्पताल में उपचार चल रहा है।

मची आपाधापी, चिकित्सक समेत नर्सिंगकर्मी जुटे

हादसे के घायलों को जैसे ही जेएलएन अस्पताल लाया गया, एक बारगी वहां आपाधापी मच गई। इमरजेंसी में घायलों की चीख-पुकार के बीच संभालने वाले परिजन तक खुद रोने लगे। अपनों को संभालने में हर कोई लगा था। पीएमओ महेश पंवार के साथ डॉ. अनिल पुरोहित समेत अन्य चिकित्सकों के साथ नर्सिंगकर्मी रामप्रकाश बेनीवाल, लक्ष्मीनारायण आचार्य ही नहीं वार्ड बॉय मुकेश सारण और भैरोंसिंह तक मरीजों की सार-संभाल में जुटे रहे। एसडीएम सुनील पंवार और नागौर सीओ विनोद कुमार सीपा के साथ कोतवाली सीआई नरेंद्र जाखड़, डीओ शिवसिंह समेत पुलिस जवान भी मरीजों की सार-संभाल के इंतजाम में लग गए।

अपनों के खोने का गम, अपनों को संभालने की मजबूरी

असल में चम्पादेवी (50) के साथ गंगा देवी (50) और मंगी देवी (42) की मौत मौके पर ही हो गई थी। जैसे ही अस्पताल में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित किया वहां कोहराम सा मच गया। अपनों को संभालने की मजबूरी के बीच अपनों के खो जाने का गम था। अब घायल भंवराराम को कौन बताए कि उसकी मां गुजर गई या फिर एक घायल महिला को कैसे बताएं कि उसकी सास गुजर गई। हर कोई मुश्किल में था, एक तरफ मोर्चरी में शवों का पोस्टमार्टम हो रहा था तो दूसरी और अपनों को ही इधर-उधर उपचार के लिए लाने-ले जाने की मशक्कत। दिलासा देने वालों में डॉक्टरों के साथ वो लोग भी थे जो इन लोगों को जानते तो नहीं थे, लेकिन हादसे का दर्द जानते थे।

मिलेगा मुआवजा

एसडीएम सुनील पंवार ने कहा कि हादसे के मृतक/घायलों को नियमों के मुताबिक मुआवजा दिया जाएगा।

इनका कहना

पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। पिकअप में सवार सभी एक ही परिवार के थे, कहीं शोकसभा से आ रहे थे। सामने से किसी गाड़ी से बचाने की वजह से पिकअप पलटी खाई, इसकी जांच की जा रही है।

-विनोद कुमार सीपा, सीओ नागौर