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मौलासर. गाय की सेवा करने से सभी प्रकार के दु:ख-दर्द मिट जाते हैं। गाय में भगवान का निवास होता है। यह बात कस्बे के सोमानियों के नोहरे में आयोजित सात दिवसीय गौ कृपा कथा के दूसरे दिन सोमवार को कथा वाचक साध्वी गोपाल सरस्वती ने कही। उन्होंने कहा कि गाय पूरे विश्व की पालनहार है, इस कारण उसे गौ माता की संज्ञा दी गई है। उन्होंने कहा कि कलयुग में गाय की सेवा करना ही सच्ची ईश्वर भक्ति है। गायों के उद्धार को समर्पित सोमानियों के नोहरे में चल रही गौ कृपा कथा के दूसरे दिन कथा सुनने के लिए लोगों में खासा उत्साह बना हुआ है। कथा आरंभ होते ही श्रद्धालु पाण्डाल में जमना शुरू हो गया। साध्वी गोपाल सरस्वती ने कहा कि निष्काम सेवा से मानव मात्र का कल्याण संभव है। यदि सेवा भाव से हम गा ैपालन करें तो पुण्य फल कई गुणा अधिक मिलता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लोग गौ सेवा से दूर हो रहें है, इसके विपरीत नशे व धूम्रपान के आदी हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कथा श्रवण करने से समाज या गायों का उद्धार नहीं होने वाला है, हमें इसका अनुसरण करने के लिए संकल्पित होने की भी आवश्यकता है। सोमवार को श्रीकिशन गग्गड़, शिवप्रसाद, सवाईदान चारण, विनोद लोहिया, अशोककुमार सहल, कमल गग्गड़, हरीराम, पण्डित सुधीर गौड़, कन्हैयालाल व गोरीशंकर सहित काफी संख्या में गौभक्त उपस्थित रहकर कथा का रसपान किया।
दिल खोलकर कर रहे हैं दान
गायों के हितार्थ हो रही गौ कृपा कथा में भामाशाह दिल खोल कर दान दे रहे हैं। कथा के दूसरे दिन लगभग सवा दो लाख रुपए का नकद सहयोग प्राप्त हुआ। इस दौरान एक बारगी दानताओं की झड़ी सी लग गई। दानदाता और भामाशाहों ने बताया कि वे कथा वाचक साध्वी गोपाल सरस्वती द्वारा गोमाता के संरक्षण एवं संवर्धन के किए जा रहे प्रयास से प्रेरित होकर सहयोग कर रहे हैं। इस दौरान लालचन्द-श्रीकिशन गग्गड़ ने एक लाख 11 हजार, रंगनाथ सोमानी पचास हजार, रामाश्रेय पच्चीस हजार, चतुर्भुज स्वामी पच्चीस हजार सहीत अनेक भामाशाहों ने राशि दान दी। यह राशि स्थानीय गौ शाला में दी जाएगी।
Published on:
30 Sept 2019 06:29 pm
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