नागौर. प्रदेश सरकार ने बजट घोषणा में राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम में महज 1650 पदों को ही भरने की मंजूरी दी है। जबकि खाली पदों की संख्या लगभग दस हजार से ज्यादा आंकड़ा पार कर गई है। स्थिति यह है प्रति वर्ष विभाग में पांच सौ से एक हजार पद विभागीय कर्मियों के रिटायर्ड होने से रिक्त हो रहे हैं। इससे तो रोडवेज की सेहत की सेहत कैसे सुधरेगी यह बात रोडवेज कर्मियों के समझ से परे रही है।
प्रदेश के सभी 52 डिपो में 50 से 60 प्रतिशत पद खाली
प्रदेश में राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के कुल डिपो की संख्या 52 है। इसमें जयपुर, जोधपुर, राजसमंद, पाली, श्रीगंगानगर, कोटा, उदयपुर, अजमेर, बाड़मेर, सिरोही एवं नागौर आदि सहित सभी 33 जिलों में 30 से 60 प्रतिशत पद खाली चल रहे हैं। जिलेवार रोडवेज के विभिन्न अनुभाग कार्यालयों में खाली पदों के कारण स्थिति विकट होने की वजह से चालकों एवं परिचालकों को लगाकर जुगाड़ से काम चलाया जा रहा है। विडंबनापूर्ण स्थिति यह है कि खाली पदों की मार का असर केवल प्रदेश के अन्य जिलों में ही नहीं, बल्कि राजधानी जयपुर में भी पड़ा है। यह स्थिति तब है, जबकि जयपुर मुख्यालय में रोडवेज के प्रबन्ध निदेशक से लेकर सभी वर्गों के अधिकारी बैठते हैं। इससे विभागीय उदासीनता का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
प्रदेश में स्वीकृत, कार्यरत व खाली पदों की स्थिति पर एक नजर
रोडवेज में कुल पदों की संख्या- 22348
रोडवेज में कार्यरत की संख्या-12525
रोडवेज में कुल खाली पदों की संख्या-9823
अधिकारिक वर्ग
स्वीकृत पद अधिकारिक वर्ग-3806
कार्यरत पद पर अधिकारिक वर्ग -1364
अधिकारिक वर्ग के खाली पद-2442
निरीक्षक वर्ग
स्वीकृत निरीक्षक वर्ग पद-472
कार्यरत पदों पर निरीक्षकों की संख्या-73
निरीक्षकों के खाली पद-399
परिचालक वर्ग
स्वीकृत परिचालक वर्ग पद संख्या-6373
कार्यकरत परिचालक वर्ग पद संख्या-4798
परिचालकों के खाली पद-1575
चालक वर्ग
स्वीकृत चालक वर्ग पद संख्या-5228
कार्यरत चालक वर्ग पद संख्या-4873
चालकों के खाली पद-355
तकनीकी वर्ग
तकनीकी वर्ग स्वीकृत पद संख्या-5114
कार्यरत तकनीकी वर्ग पद संख्या-1417
तकनीकी वर्ग के खाली पद-3697
चालक-परिचालकों से कार्यशाला में कराया जा रहा काम
खाली पदों पर संबंधित अधिकारी या कर्मी की नियुक्तियां नहीं किए जाने के कारण चालन, परिचालन, लेखा, कम्प्यूटर कार्य सहित यात्रियों को टिकट दिए जाने के कार्य सीधा प्रभावित हुए हैं। हालांकि विभागीय स्तर पर कुछ जगहों पर संविदा पर कर्मियों को रखा गया है, लेकिन पदों की खाली संख्या के समक्ष यह नियुक्तियां निरर्थक साबित होने लगी है। रोडवेज की स्थिति कार्यशाला में भी तकनीकी कर्मियों के अभाव में चालकों एवं परिचालकों से काम कराया जा रहा है।
शेष पदों को भी भरने की मांग
राजस्थान परिवहन निगम संयुक्त कर्मचारी फेंडरेशन के प्रदेश महामंत्री सत्यनारायण शर्मा ने कहा कि रोडवेज में लगभग 9500 पद रिक्त है वर्तमान राज्य सरकार ने कई वर्षो के बाद बजट में वर्ष 2024- 25 में 1650 पदों की नई भर्ती की घोषणा अच्छा कदम है, लेकिन शेष पदों को भरे जाने के लिए भी मुख्यमंत्री से आग्रह किया गया है।
इनका कहना है…
प्रदेश सरकार की ओर से 1650 पदों पर भरने की मंजूदी दी गई है। प्रस्ताव तो हालांकि करीब साढ़े आठ हजार पदों को भरने का भेजा था। अब जो मिला है, उस पर नियुक्तियां होगी तो रोडवेज की स्थिति बेहतर होगी। शेष पदों के लिए भी नए सिरे से प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा।
अनिता मीणा, कार्यकारी निदेशक (प्रशासन) राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम जयपुर