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Video : नवजात ‘पीहू’ से मिलने नागौर पहुंचे विनोद कापड़ी व पत्नी साक्षी

फादर्स डे विशेष - फिल्मकार विनोद कापड़ी ने नवजात को परिवार का हिस्सा बनाने की इच्छा जाहिर की

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विनोद कापड़ी व पत्नी साक्षी

Vinod Kapri Couple to Meet Newborn

नागौर. नागौर जिले के जायल क्षेत्र के बरनेल में चार दिन पूर्व कचरे के ढेर में लावारिस हालत में मिली नवजात बालिका को जन्म देने वाले माता-पिता की मानवता भले ही मर गई हो, लेकिन फादर्स-डे की पूर्व संध्या पर कापड़ी दम्पती ने देर रात मूण्डवा नगरपालिका अध्यक्ष घनश्याम सदावत सहित अन्य लोगों के साथ नागौर के जेएलएन अस्पताल पहुंचकर नवजात क हाल-चाल जाने तथा उसे परिवार का हिस्सा बनाने की इच्छा जाहिर की। नवजात का जिला मुख्यालय के जेएलएन अस्पताल के मातृ एवं शिशु विंग में उपचार चल रहा है। नवजात को पीलिया होने के कारण स्थिति में ज्यादा सुधार नहीं आया है।

नोएडा से करीब 500 किलोमीटर चलकर पत्नी साक्षी व बच्चों के साथ नागौर पहुंचे फिल्मकार विनोद कापड़ी ने नवजात से मिलने के बाद पत्रिका से विशेष बातचीत में बताया कि उन्होंने जब सोशल मीडिया पर इस नवजात के वीडियो को देखा तो उनके शरीर में सिरहन सी दौड़ गई, एक सदमा सा लगा। इसके बाद उन्होंने दोनों (पति-पत्नी) ने यह तय किया इस बच्ची को परिवार का हिस्सा बनाएंगे।

कापड़ी ने बताया कि पहले उन्हें यह पता नहीं था कि बच्ची कहां मिली है, इसलिए उन्होंने वीडियो को ट्वीट करते हुए लिखा ‘ये चीख अब और नहीं सुनी जा सकती। कोई जानकारी हो तो बताइए। हम इस बच्ची को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहेंगे।’ इसके बाद लोगों ने सारी जानकारी दे दी। बच्ची की स्थिर स्थिति होने पर वे नोएडा से चलकर बच्ची को देखने व मिलने यहां पहुंचे हैं। रविवार को वे कलक्टर से भी मिलेंगे।

प्रक्रिया जटिल, लेकिन प्रयास पूरा करेंगे
विनोद कापड़ी ने पत्रिका को बताया कि उन्होंने जब नवजात ‘पीहू’ को परिवार का हिस्सा बनाने का निर्णय लिया तो कुछ लोगों ने उन्हें बताया कि गोद लेने की प्रक्रिया काफी लम्बी व जटिल है, लेकिन फिर भी वे धैर्य से इंतजार करने को तैयार हैं और अपने निर्णय पर अडिग हैं और बच्ची को गोद लेने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। उम्मीद करते हैं कि जब ईश्वर ने उन्हें इस बच्ची का वीडियो दिखाया है तो इस बच्ची को उन्हें सौंपने में भी मदद करेगा।

पता नहीं क्या होगा
विनोद कापड़ी की पत्नी साक्षी ने पत्रिका से बातचीत में बताया उन्होंने जब बच्ची को वार्ड में देखा तो एक यही बच्ची ऐसी है, जिसके पैर पर एक टेग लगा है जिस पर अज्ञात लिखा है। यानी वार्ड में भर्ती सभी बच्चों के माता-पिता हैं, लेकिन इसके नहीं। हम प्रयास करेंगे कि यह बच्ची हमें मिल जाए, हालांकि पता नहीं क्या होगा, बच्ची हमें मिलेगी या नहीं, लेकिन जितना बच्ची के लिए कर सकें, करेंगे। साक्षी ने बताया कि उनके दो बेटे हैं, जिन्हें भी यह पता चल गया है कि अब उनकी जिम्मेदारी बढऩे वाली है और वे तैयार भी हैं, खुश भी।

विनोद कापड़ी ने क्यों दिया ‘पीहू’ नाम
पिहू एक भारतीय ड्रामा थ्रिलर फिल्म है जो पत्रकार से फिल्मकार बने विनोद कापड़ी द्वारा लिखित और निर्देशित है। इसमें एक दो साल की लडक़ी मायरा को शीर्षक भूमिका में दिखाया गया है। फिल्म पीहू घर में बंद 2 साल की बच्ची की दर्दनाक कहानी बयां करती है। बरनेल में मिली नवजात को देखा तो कापड़ी को यूं लगा, जैसे उन्हें पीहू मिल गई।

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