
Happiness of former students at Navodaya Vidyalaya Nagaur
कुचामनसिटी (नागौर). बचपन के साथी वर्षों बाद जब मिले तो पुरानी यादें ताजा हो गईं। ऐसा लग रहा था, जैसे कुछ समय पहले ही यहां साथ-साथ पढ़ रहे थे। छोटे-बड़े सब एक-दूसरे को गले लगा कर अपना प्रेम जता रहे थे। मौका था जवाहर नवोदय विद्यालय कुचामन सिटी में पूर्व विद्यार्थी सम्मेलन का, जिसे रविवार को बड़े उत्साह एवं धूमधाम के साथ मनाया गया। पूर्व विद्यार्थियों के स्वागत में विद्यालय की छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी तो पूर्व विद्यार्थियों ने वर्षों बाद हमीं नवोदय हों... प्रार्थना गाकर अपने आप को गौर्वान्वित महसूस किया।
पिछले काफी वर्षों से आयोजित हो रहे इस कार्यक्रम को इस बार प्रथम बैच के विद्यालय से निकले हुए 25 वर्ष पूर्ण होने पर सिल्वर जुबली के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ 1993 बैच के विद्यार्थियों के साथ प्राचार्य सोमवीर पूनिया, पूर्व शिक्षक पीएस राजावत सहित अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया। प्राचार्य पूनिया ने कार्यक्रम में शरीक हुए सभी पूर्व छात्रों व अतिथियों का अभिनन्दन किया। कार्यक्रम के दौरान पूर्व विद्याथियों ने अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व प्राचार्य हरदेवाराम आनंद, डीके जैन, शिक्षक सिराज अहमद नकवी, चालक रामकरण चौधरी का शॉल ओढ़ाकर व स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मान किया।
प्रथम बैच के विद्यार्थियों का किया सम्मान
सिल्वर जुबली कार्यक्रम में प्रथम के बैच के सभी उपस्थित विद्यार्थियों का 1994 बैच के विद्यार्थियों द्वारा एलुमनि एसोसिएशन के अध्यक्ष सूरजनारायण चौहान के नेतृत्व में शॉल ओढ़ाकर व स्मृति चिह्न देकर अभिनंदन किया गया। पूर्व छात्रों ने अन्य नवोदय विद्यालयों से पहुंचे पूर्व छात्रों का भी सम्मान किया। इसी क्रम में वर्तमान में अध्ययन कर रहे 25 विद्यार्थियों का, जिन्होंने शैक्षणिक क्षेत्र के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में विशेष प्रदर्शन किया, उनको सम्मानित कर उत्साहवर्धन किया। विद्यालय के प्राचार्य सोमवीर पूनिया संस्थान गतिविधियां बताते हुए सफलता की ओर अग्रसर रहने की बात कही। कार्यक्रम के अंत में आगामी वर्ष के लिए 1995 बैच के ओमप्रकाश पूनिया को एलुमनि एसोसिएशन का अध्यक्ष एवं मंगलसिंह को सचिव चुनाव गया।
कत्र्तव्य के प्रति निष्ठावान रहें - पारीक
रविवार को नवोदय विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में सफलता के नए-नए आयाम स्थापित करने वाले एवं विद्यालय के पूर्व विद्यार्थियों ने अपने अनुभवों को वर्तमान विद्यार्थियों के साथ साझा किया। पूर्व छात्र नेमीचन्द पारीक (बीकानेर आरटीओ) ने अपने संबोधन में बचपन की यादों को ताजा करते हुए अपना कार्य इमानदारी से करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हम अपने कार्य के प्रति निष्ठावान रहें, यदि हम खुद का काम ही निष्ठा से नहीं करते हैं तो नवोदयन होना बेकार है। डॉ. राजकुमार विश्नोई ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि नवोदय एक अनूठी संस्था है, जिसका लाभ हर किसी को नहीं मिलता। डिप्टी कमांडर रामनारायण चौधरी ने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में धनात्मक सोच रखते हुए आगे बढ़ें व दुनिया की बातों की परवाह नहीं करनी चाहिए। उन्होंने अपने समय के शिक्षकों को याद करते हुए जीवन में गुरु का स्थान सर्वोपरि बताया।
इसी क्रम में पूर्व छात्र दिनेश कुमार शर्मा, कैलाश कासनिया, जगदीश जीनगर ने मारवाड़ी भाषा में अपने संबोधन में नवोदयन होने पर गर्व की बात कही। पूर्व छात्रा विविधा ने नवोदय छात्रों को समाज की क्रीम बताया व आत्म निर्भरता सिखाने में नवोदय का विशेष योगदान बताया। कार्यक्रम में व्याख्याता मनोज व्यास, तहसीलदार नारायण दहिया ने नवोदय के महत्व को स्वीकारते हुए अनुशासन में रहकर शिक्षा प्राप्त करने की बात कही। पूर्व छात्र सीताराम नारनोलिया व सूरजनारायण चौहान ने नवोदय की धरती को नमन करते हुए इसे चन्दन के समान बताते हुए मंच संचालन कर कार्यक्रम को चार चांद लगाए। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय स्टाफ का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
Published on:
23 Dec 2018 07:50 pm

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