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अतिक्रमण हटाने पहुंचे प्रशासनिक दल के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन, सैकड़ों लोगों पर मंडरा रहा अब रहवास का संकट

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नागौर

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Nidhi Mishra

Mar 18, 2019

villagers protest against encroachment removal in Nagaur

villagers protest against encroachment removal in Nagaur

कुचामन सिटी/ नागौर। कुचामनसिटी के निकट ग्राम पांचवा में गोचर जमीन पर करीब 25 साल पहले हुए अतिक्रमण के मामले में हाईकोर्ट के दखल के बाद तहसीलदार ने पिछले दिनों नोटिस जारी कर 140 मकान मालिकों को अतिक्रमण हटाने का नोटिस दिया था। जिसकी अंतिम तिथि पर आज सैकड़ों ग्रामीण तहसील कार्यालय पहुंचे और कार्रवाई का विरोध किया। ग्रामीणों का कहना है कि गोचर भूमि पर बसने वाली आबादी गरीब है, जिन्हें बेदखल करने पर उनके जीवन पर संकट खड़ा हो जाएगा। वहीं तहसीलदार महावीर शर्मा का कहना है कि न्यायालय के आदेशों की पालना करवाई जा रही है। गौरतलब है कि उक्त गोचर भूमि पर करीब 150 मकान बने हुए हैं, जिन पर अब रहवास का संकट मंडरा रहा है।

प्रसूता व नवजात की मौत
जिले के ढींगसरा उप स्वास्थ्य केन्द्र पर रविवार को एक प्रसूता व नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने प्रसव कराने के दौरान नर्स द्वारा लापरवाही बरतने आरोप लगाया है। वहीं सीएमएचओ डॉ. सुकुमार कश्यप ने इस मामले की जांच करवाने तथा जांच में दोषी पाए जाने पर नर्सिंग कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।
टांकला निवासी मदनाराम ने पत्रिका को बताया कि शनिवार को उनके बेटे सुनील की पत्नी ज्यानी के प्रसव पीड़ा होने पर वे उसे लेकर भाकरोद प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र लेकर गए, जहां नर्स ने प्रसूता को इंजेक्शन देने के बाद कहा कि प्रसव रविवार को होगा, इसलिए आज प्रसूता को घर ले जाओ, कल वापस आ जाना। इसके बाद वे वापस टांकला चले गए।

रविवार को ज्यानी को दुबारा प्रसव पीड़ा होने पर वे भाकरोद जाने के लिए रवाना हुए, इससे पहले उन्होंने नर्स को फोन कर पूछा तो उसने बताया कि वह किसी काम से नागौर आ गई है। इस पर वे ज्यानी को लेकर ढींगसरा उप स्वास्थ्य केन्द्र चले गए, जहां उपस्थित नर्स ने प्रसव कराने का आश्वासन दिया। मदनाराम ने बताया कि प्रसव के दौरान लापरवाही बरतने से नवजात की वहीं मौत हो गई, जबकि प्रसूता को हाथों-हाथ नागौर जेएलएन अस्पताल ले जाने के लिए कहा, जिस पर वे हाथों-हाथ नागौर पहुंचे। यहां पहुंचने पर डॉक्टर ने प्रसूता ज्यानी को भी मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि नर्स की लापरवाही से दो जान चली गई। यदि वह समय पर बता देती तो वे ज्यानी को लेकर जिला अस्पताल आ जाते।