13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कमेडिया में 29 दिन से चल रहा ग्रामीणों का धरना समाप्त

डेह (नागौर). पानी की समस्या को लेकर ग्राम पंचायत कमेडिया में लगातार 29 दिन से धरने पर बैठे ग्रामीणों ने जलदाय विभाग अधिकारियों की ओर से सात दिन में कमेडिया उच्च जलाशय में निर्बाध पानी की सप्लाई देने के लिए अलग से पंप सेट की स्थापना कर हफ्ते में पन्द्रह लाख लीटर पानी करीब पांच टंकी से सप्लाई देने पर लिखित सहमति बनने पर ग्रामीणों ने मंगलवार को धरना समाप्त कर दिया।

less than 1 minute read
Google source verification
nagaur nagaur news

डेह. भागीरथ जादू को ज्यूस पिलाकर अनशन तुड़वाते अधिकारी।

- सात दिन में अलग से पंप सेट लगाकर सुचारू जलापूर्ति का लिखित आश्वासन

-पानी की समस्या को लेकर 29 दिन से धरने पर बैठे थे ग्रामीण

- टंकी पर चढ़कर किया प्रदर्शन

डेह (नागौर). पानी की समस्या को लेकर ग्राम पंचायत कमेडिया में लगातार 29 दिन से धरने पर बैठे ग्रामीणों ने जलदाय विभाग अधिकारियों की ओर से सात दिन में कमेडिया उच्च जलाशय में निर्बाध पानी की सप्लाई देने के लिए अलग से पंप सेट की स्थापना कर हफ्ते में पन्द्रह लाख लीटर पानी करीब पांच टंकी से सप्लाई देने पर लिखित सहमति बनने पर ग्रामीणों ने मंगलवार को धरना समाप्त कर दिया।

धरनार्थियों की कोई सुनवाई नहीं होने पर सोमवार शाम को ग्रामीणों ने टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन किया। और देर रात सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी ग्रामीणों की समस्या सरकार तक पहुंचाने के लिए ट्वीट किया और ग्रामीणों से टंकी से नीचे उतरने का आग्रह किया। इससे प्रशासन हरकत में आया। रात करीब एक बजे तहसीलदार खुद धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने मंगलवार को बातचीत में हल निकालने का भरोसा दिलाया। मंगलवार सुबह ने जलदाय विभाग के अधिकारियों को साथ लेकर पहुंचे। अधिकारियों सात दिन में कमेडिया उच्च जलाशय में निर्बाध पानी की सप्लाई देने व अलग से पंप सेट लगाकर हफ्ते में पन्द्रह लाख लीटर पानी देने का लिखित आश्वासन दिया। उसके बाद ग्रामीणों ने धरना उठा दिया। अनशन पर बैठे भागीरथ को ज्यूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।

आरएलपी नेता सहदेव कसवा ने बताया कि सांसद के हस्तक्षेप के बाद अधिकारियों की नींद उड़ी।एईन रणवीर बांगड़ा,एक्सईएन मोहनलाल कडेला, जेईएन प्रेमसुख तथा अधीक्षण अभियंता भरत मीणा धरना स्थल पर रहे। पप्पू राम सारण, ,सहदेव कसवा, मुकेश, जेठाराम,जीवनराम ,मेगाराम, भंवर लाल छीरंग सहित समस्त ग्रामवासियों ने समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए।