नागौर. शानेश्वर महादेव मंदिर परिसर में हुई सभा में महंत जानकीदास ने कहा कि सनातन धर्म में देवी-देवता श्रद्धा का केन्द्र होने के साथ ही प्रेरणास्रोत भी हैं। अस्त्र एवं शास्त्र दोनो ही साथ चलते हैं। प्रत्येक हिंदू के घर में शास्त्र के साथ ही अस्त्र का हेाना जरूरी है। शास्त्र एवं अस्त्र रखना भूले तो फिर दुर्दशा का शिकार हो गए। हमें सनातन के अनुसार ही आचरण करना होगा। बांगलादेश की घटना हिंदुओं के लिए एक नसीहत है। इसके साथ ही अग्निवीर योजना में शामिल होकर खुद को शारीरिक-मानसिक रूप से सुदृण रहने का आह्वान किया। महंत भागीरथराम शास्त्री ने शिव व शक्ति की महिमा अपरंपार है। हमें इसकी महत्ता समझते हुए इनको प्रेरणास्रोत मानते हुए काम करना होगा। महंत मुरलीराम महाराज ने कहा कि संत सदैव से समाज का मार्गदर्शन करते आए हैं। गीता में भी भगवान ने अर्जुन के माध्यम से शास्त्र के साथ ही शस्त्र की महत्ता समझाते हुए स्पष्ट रूप से संदेश दिया है कि अधर्मी कोई भी उसे क्षमा नहीं, केवल दंडित करने का काम ही करना चाहिए। सूरजमल भाटी ने संतों की महत्ता पर प्रकाश डाला। इस दौरान धार्मिक उत्सव आयोजन समिति के संयोजक लोकेश टाक, मनीष शर्मा, विशाल शर्मा एवं राजेश रावल आदि भी मौजूद थे।