19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जहां मारा हथौड़ा, वहीं मिली पोल

हाल-ए-नागौर: जोधपुर एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज से आई टीम ने जांची भवन की सुरक्षा, जल्द देगी रिपोर्टएमसीएच भवन: जहां मारा हथौड़ा, वहीं मिली पोल

3 min read
Google source verification
 जहां मारा हथौड़ा, वहीं मिली पोल

नागौर. एमसीएच विंग भवन के पिलर के सरियों में आई जंग।

 जहां मारा हथौड़ा, वहीं मिली पोल

नागौर. एमसीएच विंग में पिलर की जांच करते इंजीनियरिंग कॉलेज की टीम।

 जहां मारा हथौड़ा, वहीं मिली पोल

नागौर. घटिया नींव पर खड़े किए गए एमसीएच भवन की सुरक्षा जांचने के लिए मंगलवार को जोधपुर के एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज की टीम नागौर पहुंची। कॉलेज के प्रोफेसर अजय शर्मा की अध्यक्षता में आई पांच सदस्यीय टीम ने एमसीएच विंग के पूरे भवन की मशीनों से जांच की। इस दौरान टीम के सदस्यों ने जहां भी हथौड़ा मारा, वहां प्लास्टर गिरने लगा। टीम ने विशेष तौर पर भवन को जिन पिलर्स (कॉलम) व बीम पर खड़ा किया गया है, उनकी जांच की। हालांकि जांच रिपोर्ट आने में अभी सप्ताहभर समय लगेगा, लेकिन जांच करते समय टीम ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर चिंता व्यक्त की। कई जगह पिलर में लगाए गए लोहे के सरियों में जंग लग चुकी है।

 जहां मारा हथौड़ा, वहीं मिली पोल

गौरतलब है कि एमसीएच विंग का भवन 4 मई 20217 को जेएलएन अस्पताल के तत्कालीन पीएमओ को हस्तांतरित किया गया था। घटिया निर्माण के चलते एमसीएच भवन शुरू से ही विवादों में रहा। 4 अक्टूबर 2021 को एमसीएच विंग का निरीक्षण करने के बाद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग उपखंड नागौर के सहायक अभियंता ने जनहानि का अंदेशा जताते हुए इस भवन को मरम्मत होने तक खाली करने की अनुशंसा भी की थी। इसके बाद भवन की मरम्मत के लिए एनआरएचएम ने करीब 96 लाख रुपए के टेंडर जारी किए। साथ ही ठेकेदार की रिस्क एंड कॉस्ट मनी को जब्त कर उससे मरम्मत कराने के लिए अलग से टेंडर किए गए। मरम्मत का ठेका देते समय यह तय किया गया कि भवन के पिलर्स व बीम की मरम्मत का कार्य जोधपुर एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज की टीम से जांच के बाद उनके निर्देशानुसार करवाया जाएगा। हालांकि यह निर्णय करीब सालभर पहले ले किया गया, लेकिन स्थानीय स्तर पर एनआरएचएम का कोई अधिकारी नहीं होने से टीम की ओर से जांच नहीं करवाई जा सकी।

 जहां मारा हथौड़ा, वहीं मिली पोल

गत दिनों जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव ने अस्पताल का निरीक्षण किया तो भवन की जर्जर हालत देखने के बाद अधिकारियों को निर्देश दिए, जिसके बाद एनआरएचएम ने गत 11 सितम्बर को इंजीनियरिंग कॉलेज को 5 लाख 31 हजार रुपए की फीस जमा करवाई, जिसके बाद मंगलवार को टीम जांच करने पहुंची। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार टीम के हैड अजय शर्मा संरचनात्मक स्थिति का आकलन करने में विशेषज्ञ हैं।

 जहां मारा हथौड़ा, वहीं मिली पोल

ठेका दे दिया, लेकिन मॉनिटरिंग नहीं एमसीएच भवन की जर्जर हालत को लेकर बार-बार समाचार प्रकाशित करने व पीएमओ एवं जिला कलक्टर की ओर से बार-बार पत्र लिखने के बाद एनआरएचएम ने भवन की मरम्मत के लिए ठेका तो दे दिया, लेकिन काम की मॉनिटरिंग करने वाला कोई नहीं है। हालात यह है कि नागौर का चार्ज जयपुर के एईएन सुरेन्द्रसिंह शेखावत को अतिरिक्त चार्ज दे रखा है। इससे पहले सेवानिवृत्त हो चुके पूर्णाराम को वापस लगाकर चार्ज दे रखा था। एमसीएच भवन की मरम्मत करने वाले ठेकेदार ने भी करीब 25 प्रतिशत नीचे ठेका ले लिया और अब लीपापोती कर रहा है। हालात यह है कि जिला मुख्यालय सहित जिलेभर में एनआरएचएम के करोड़ों रुपए के निर्माण कार्य चल रहे हैं, लेकिन उनकी मॉनिटरिंग करने वाला कोई नहीं है।

 जहां मारा हथौड़ा, वहीं मिली पोल

प्लास्टर पर हथौड़ा मारकर चेक करते जांच टीम के प्रोफेसर अजय शर्मा।