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माली समाज के पाटोत्सव स्थल पर पर्णकुटी के आकार में बनी यज्ञशाला, सजने लगे पंडाल

Nagaur. लिखमीदास महाराज स्मारक विकास संस्थान की ओर से छठे पाटोत्सव की तैयारियों में जुटा माली समाज, आठ बीघा से ज्यादा एरिया में बसेगा यह पूरा मेला-आज से नानी बाई रो मायरों कथा श्रवण, निकलेगी शोभायात्रा-कल शाम को राज्य स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह होगा, इसमें मुख्य अतिथि उत्तरप्रदेश के उपमुख्य मंत्री केशवमौर्य एवं पूर्व कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी सहित कई प्रमुख हस्तियां करेंगी शिरकत, आठ प्रतिभाओं को मिलेगा स्वर्ण पदक

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Yajnashala built in the shape of Parnakuti at the Patotsav site of Mali society, the pandals started decorating

नागौर. लिखमीदास महाराज स्मारक विकास संस्थान अमरपुरा की ओर से छठे पाटोत्सव स्थल को भव्य रूप दिए जाने का काम तेज कर दिया गया है। कार्यक्रम का दायरा लगभग आठ बीघा के एरिया में होगा। यहां पर अस्थाई भोजनशाला, रसोई कक्ष, धर्मशाला एवं प्याऊ बनाए जाने के साथ शानदार यज्ञ स्थल बनाया गया है। यज्ञस्थल की खासियत यह है कि इसे पश्चिमी राजस्थान की घास से सोलह फुट की बल्लियों के साथ बनाया गया है। इसे बनवाने के लिए विशेष तौर पर जोधपुर से कारीगर बुलाए गए थे। यज्ञ स्थल बाहर से देखने पर ऋषियों की पर्णकुटी तरह नजर आया। संस्थान के अध्यक्ष कमल भाटी बताते हैं कि राज्य स्तरीय सभा स्थल को विस्तृत दायरे में बनाया जा रहा है। इसमें उत्तरप्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य एवं पूर्व कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी सहित कई हस्तियां शिरकत करेंगी। इसलिए प्रयास है कि कार्यक्रम की भव्यता में कोई कमी न रह जाए। समाज के होने वाले इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालू पहुंचते हैं। इसको ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाएं फिलहाल करने में संस्थान के साथ ही समाज के लोग जुटे हुए हैं। ताकि कोई कोर-कसर न रह जाए।
लिखमीदास महाराज स्मारक विकास संस्थान परिसर अब गुलजार नजर आने लगा हैं। यहां पर विशाल तंबुओं के लगने के साथ ही पंडाल आदि बनाए जाने का काम तेजी से चल रहा है। कार्यक्रम में आने वाले श्रद्धालुओं के अर्चन स्थल से लेकर भोजन स्थल तक का ब्लूप्रिंट तैयार होने के बाद इसको अंतिम रूप दिए जाने में समाज के लोग जुट गए हैं। हालांकि पाटोत्सव की शुरुआत गुरुवार को ही अखण्ड रामायण पाठ से हो गई, लेकिन इधर कार्यक्रम चल रहा था और उधर पंडालों आदि अन्य व्यवस्थाओं को तैयार करने में लोग रहे। शुक्रवार को अखण्ड रामायण पाठ का समापन होने के साथ ही इसकी पुर्णाहुति भी की गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने आहुतियां अर्पित की। हवन में प्रज्जवलित अग्नि के साथ जलती आहुतियांं से पूरे परिसर का वातावरण बदला-बदला सा नजर आया।
शोभायात्रा आज, प्रतिभा सम्मान समारोह में आठ को मिलेंगे स्वर्ण पदक
ई तीन, चार एवं पांच दिसंबर को नानी बाई रो मायरों कथा का श्रवण किया जाएगा। इसका वाचन सूरसागर जोधपुर बड़ा रामद्वारा के महंत रामप्रसाद महाराज करेंगे। इसके पूर्व शनिवार को सुबह नौ बजे लिखमीदास महाराज की जन्मस्थली चेनार से सुबह नौ बजे शोभायात्रा निकलेगी। यह यात्रा माली संस्थान , विजय वल्लभ चौराहा, डे चौराहा से होते हुए अमरपुरा स्थित कथा स्थल पर पहुंचेगी। चार दिसंबर को राज्य स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह होगा। प्रतिभा सम्मान समारोह शाम को चार बजे होगा। चार दिसंबर को ही शाम को सात बजे से भजनों का कार्यक्रम होगा। नानी बाई का मायरा श्रवण का समय दोपहर 12 बजे से शाम को चार बजे तक रहेगा। पांच दिसंबर को सुबह को नानी बाई का मायरा समापन होगा। सुबह लिखमीदास महाराज व देव मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण किया जाएगा। राज्य स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह में प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न के साथ साथ सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले 8 प्रतिभाशाली ं को स्वर्ण पदक, 7 को रजत पदक व 7 को लघु रजत पदक प्रदान किए जाएंगे।
समाज में किया जनसंपर्क
माली समाज के विभिन्न मोहल्लों में श्रद्धालु कार्यकर्ताओं द्वारा शोभा यात्रा के निमित्त संपर्क किया गया। चेनार गांव में सुरेश सोलंकी, सुरेंद्र सोलंकी, अर्जुनराम कच्छावा, देवकिशन सोलंकी, रामविलास ठेकेदार, राधेश्याम टाक, मांगीलाल गहलोत, रूपचंद, कैलाश गहलोत द्वारा बडक़ी बस्ती, जगावता बास, जेठका बास व भीकाला में संपर्क किया गया वहीं ताऊसर भगवान तंवर , बीरदीचंद सांखला, टीकमचंद कच्छावा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने शोभायात्रा में आने का निमंत्रण दिया ।