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सब्जियों से बनने वाली खाद यूनिट मवेशियों के आतंक से हो रहा बेबस

अफसरों का तर्क कई बार तोड़ चुके, दोबारा कराएंगे रिपेयरिंग

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सब्जियों से बनने वाली खाद यूनिट मवेशियों के आतंक से हो रहा बेबस

नागदा। सब्जियों से निकलने वाले कचरे से खाद बनाए जाने की योजना दम तोड़ती नजर आ रही है। कारण सब्जी मंडी परिसर के समीप स्थापित की गई खाद यूनिट को आवारा मवेशियों द्वारा क्षतिग्रस्त किया जाना है। विड़बना यह है, कि अफसरों द्वारा यूनिट को कई बार रिपेयर करवाया गया, लेकिन किसी प्रकार के कोई स्थाई निराकरण के लिए प्रयास नहीं किए गए। खाद यूनिट के चारों ओर की गई तार फेसिंग को भी मवेशियों ने क्षतिग्रस्त कर दिया है। यदि वर्ष में चार बार यूनिट को मवेशी क्षतिग्रस्त करते है, तो अंदाजा लगाया जा सकता है, कि नगर पालिका का रिपेयरिंग का कितना खर्च आएगा। दरअसल सब्जी मंडी से निकलने वाले सब्जियों के कचरे के निस्तारण के लिए नगर पालिका ने खाद यूनिट का निर्माण किया। खाद यूनिट का उद्देश्य किसानों को जैविक खाद की उपयोगिता समझाना था।
क्या है मामला
स्वच्छता सर्वेक्षण के अंतर्गत नगर पालिका द्वारा शहरों से निकलने वाले अपशिष्ट का प्रबंधन करने के उद्देश्य से सब्जी मंडी के बाहर खाद यूनिट का निर्माण करवाया। यूनिट निर्माण का उद्देश्य सब्जी मंडी के कचरे का उचित निराकरण व जैविक खाद निर्माण किया जाना है। परेशानी यह है, कि निर्माण के बाद से ही यूनिट को मवेशियों द्वारा कई बार क्षतिग्रस्त किया जा रहा है। लिहाजा यूनिट में समय से खाद बनना तो दूर उसकी ठीक प्रकार से देखभाल नहीं हो पा रही है। अफसरों का तर्क है, कि तारों व यूनिट की दीवारों को मवेशियों द्वारा क्षतिग्रस्त किया जा रहा है।
यूनिट के समीप लगा है गंदगी का अंबार
दूसरी ओर जहां यूनिट को मवेशियों द्वारा नुकसान पहुंचाया जा रहा है। वहीं यूनिट के समीप गंदगी का अंबार लगा है। यूनिट के चारों ओर मंडी परिसर से निकलने वाले पानी में मच्छर पनप रहे है। बता दें, कि यदि समय रहते यूनिट की पर्याप्त देखरेख नहीं की गई, तो यूनिट खराब हो जाएगा। हालांकि अफसरों ने यूनिट को दोबारा रिपेयर कराए जाने की बात कही है। अफसरों ने समय रहते यदि आवारा मवेशियों पर लगाम नहीं कसी तो आगामी दिनों में उक्त प्रकार की परेशानियों से निजात नहीं मिल सकेगी।
इनका कहना-
खाद यूनिट की दीवारों को मवेशियों द्वारा तोड़ दिया जाता है। तार फेसिंग भी मवेशियों द्वारा क्षतिग्रस्त कर दी जाती है। पूर्व में भी कई बार रिपेयर करवाया गया है। क्षतिग्रस्त दीवारों को दोबारों रिपेयर करवा दी जाएगी।
भविष्य कुमार खोब्रागढ़े
सीएमओ, नपा