डीएवी प्रबंधन ने जिले के मॉडल स्कूल संचालन को लेकर शिक्षा विभाग के साथ अब एमओयू नहंी किया है। इसके कारण जिले के मॉडल स्कूल में अध्यापन कार्य पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है।
इस स्कूल में अध्यनरत बच्चें स्कूल पहुंचने के बाद कुछ देर समय बिताने के बाद वापस अपने घर की और रवाना हो जाते है। इसके कारण मॉडल स्कूल में अध्यनरत बच्चों को भविष्य अधंकार में नजर आ रहा है।
जानकारी के अनुसार प्रदेश सरकार ने मॉडल स्कूल का संचालन करने का जिम्मा नए शिक्षा सत्र से डीएवी प्रबंधन को सौंप दिया है। लेकिन शिक्षा सत्र शुरू हुए दो माह का समय बित गया है।
लेकिन डीएवी प्रबंधन ने मॉडल स्कूल संचालन के लिए शिक्षा विभाग के साथ एमओयू करने में कोई रूचि नहीं दिखाई है। इसके कारण स्कूल में अध्यनरत बच्चे समय पर स्कूल में पहुंचकर कुछ देर बिताने के बाद वापस लौट रहे है।
इसी तरह दो माह से मॉडल स्कूल का संचालन हो रहा था। इसको देखकर स्कूल में अध्यनरत बच्चों ने कलक्टर के पास पहुंचकर अपनी समस्याओं से अगवत कराया। इसके बाद कलक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को तलब कर बच्चों की समस्याओं के लिए त्वरीत पहल करने के निर्देश दिए।
संलग्न शिक्षक नहीं पहुंचे स्कूल
मॉडल स्कूल का संचालन डीएवी प्रबंधन को सौपने के बाद पूराने शिक्षकों ने स्कूल जाना बंद कर दिया था। इसके चलते स्कूल के वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए शिक्षा विभाग ने नारायणपुर में 9 व ओरछा में 8 शिक्षक को सलंग्न किया था।
जिससे मॉडल स्कूल का संचालन सुचारू रूप से हो सकें। लेकिन संलग्न शिक्षकों ने मॉडल स्कूल में पहुंचने में कोई रूचि नहीं दिखाई। वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मॉडल स्कूल की सुध लेने की कोई जहमत नहीं उठाई। इसके कारण मॉडल स्कूल की अध्यापन व्यवस्था ठप पड़ी हुई है।