यह आयोजन सिर्फ दो लोगों के मिलन का नहीं, बल्कि हिंसा से विश्वास की ओर बढ़ते बस्तर की मजबूत घोषणा है। प्रदेश में लगातार बढ़ रहे आत्मसमर्पण यह साबित करते हैं कि सरकार केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि सम्मान, रोज़गार और भविष्य भी दे रही है। यह सामूहिक विवाह उन भटके युवाओं के लिए संदेश है- हिंसा नहीं, जीवन चुनो… सरकार तुम्हारे साथ है।