1 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नर्मदा और तवा के संगम पर बांद्राभान मेला आज से शुरू , देशभर से पहुंचेंगे लोग

मेला नदी किनारे लगने के कारण आकर्षण का केंद्र रहता है। बच्चे, बड़े, युवा सभी इस मेले में पहुंचकर धार्मिक से लेकर मनोरंजन का लुत्फ उठाते हैं।

3 min read
Google source verification
नर्मदा और तवा के संगम पर बांद्राभान मेला आज से शुरू , देशभर से पहुंचेंगे लोग

नर्मदा और तवा के संगम पर बांद्राभान मेला आज से शुरू , देशभर से पहुंचेंगे लोग

नर्मदापुरम. नर्मदा नदी और तवा नदी के संगम स्थल पर आज से 4 दिवसीय बांद्राभान मेला प्रारंभ हो गया है, इस मेले में प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर से लोग पहुंचते हैं, नर्मदा नदी और तवा नदी के इस संगम स्थल पर हजारों लोग कार्तिक पूर्णिमा के दिन स्नान करेंगे, यहां स्नान का काफी महत्व है, यही कारण है कि लोग मोक्ष की कामना को लेकर यहां पहुंचते हैं और चार दिन तक यहीं रूकते हैं, ये मेला नदी किनारे लगने के कारण आकर्षण का केंद्र रहता है। बच्चे, बड़े, युवा सभी इस मेले में पहुंचकर धार्मिक से लेकर मनोरंजन का लुत्फ उठाते हैं। ये मेला मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम (होशंगाबाद) से करीब 8 किलोमीटर दूर बांद्राभान में हर साल लगता है।

9 नवंबर तक बांद्राभान मेले का आयोजन


नर्मदा-तवा के संगम स्थल बांद्राभान में रविवार से चार दिवसीय मेले की शुरुआत होगी। दुकानों और स्नान के बीच प्रशासन ने 150 मीटर की दूरी रखी है, जिससे स्नान करने आने वाले लोगों को सुविधा मिल सके। 6 से 9 नवंबर तक बांद्राभान मेले का आयोजन किया जाएगा, हालांकि मुख्य स्नान 8 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा पर होगा। श्रद्धालुओं के लिए पानी तक पहुंचने के लिए रेतीले तट पर पहुंच मार्ग बनाया गया है।

5 जगह पार्किंग की सुविधा


जनपद पंचायत ने मेले में वाहनों को व्यवस्थित करने व जाम से निजात पाने के लिए अलग-अलग स्थानों पर पांच पार्किंग बनाई गई है। साथ ही एक बेरियर भी बनाया गया है। इन पार्किंगों में साइकिल के लिए 5 रुपए, बाइक के लिए 20 रुपए, फोर व्हीलर के लिए 30 रुपए, छोटे मालवाहन व सवारी वाहनों के लिए 300 रुपए, बस व ट्रक के लिए 600 रुपए निर्धारित किए गए हैं। हालांकि इस दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

एक दिन पहले से ही शुरू हुआ भंडारा
मेले के दौरान तीन दिन तक कई जगह भंडारों का आयोजन किया जाएगा। भंडारों का दौर शनिवार से ही शुरू हो गया। बांद्राभान स्कूल के सामने ही श्रद्धालुओं ने शनिवार को भंडारे का आयोजन किया।

बांद्राभान मेले का महत्व
ये मेला बांद्राभान में लगता है, यहां पर नर्मदा नदी और तवा नदी का संगम होता है। माना जाता है कि प्राचीन समय में एक राजा को वानर की आकृति से यहां मोक्ष मिला था। तभी से ये मेला यहां हर साल लगता है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन संगम स्थल पर डुबकी लगाने से लोगों की मनोकामना पूरी होती हैं। इस संगम स्थल पर कई तपस्वियों ने मोक्ष के लिए तपस्या की थी। इसी कारण यहां देशभर से लोग पहुंचते हैं।


नर्मदा और तवा के संगम स्थल पर बांद्राभान मेले के लिए झूले वालों ने अपने झूले तैयार कर लिए हैं। मेला स्थल पर दुकानें भी सजने लगी हैं।


होमगार्ड ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मोटर बोट, लाइफ जैकेट, वायरलैस सैट, वॉकी-टॉकी, सर्च लाइट, वॉच टावर की व्यवस्था की है। इसके अलावा ट्रेंड गोताखोंरों की टीम भी मेले के दौरान यहां पर तैनात रहेगी।

यह भी पढ़ें : भीषण सड़क हादसा, पति-पत्नी सहित दो बच्चों की मौत, बस पर पथराव

मेले को लेकर सभी तैयारियां पुख्ता की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। पूरे मेले में भी कर्मचारी व जवान तैनात रहेंगे। किसी भी परेशानी में श्रद्धालु इनसे संपर्क कर सकते हैं।
-हेमंत सुत्रकार, जनपद सीईओ

Story Loader