अंतरराष्ट्रीय पिकनिक दिवस : पिकनिक बनाता है संबंधों को मजबूत, जिंदगी में आती है ताजगी
नर्मदापुरम. पिकनिक एक ऐसी चीज है कि जिसमें परिवार के साथ अच्छा और यादगार समय बिताने को मिलता है। पूरा दिन परिवार के साथ बिताने पर रिश्तों को अच्छी तरह से समझने और स्ट्रांग करने में मदद मिलती है। इतना ही नहीं पिकनिक जिंदगी में नई ताजगी भी भर देता है। आज रविवार 18 जून को अंतरराष्ट्रीय पिकनिक दिवस है। गर्मी की छुट्टियां भी चल रही है और बच्चों को वीकेंड पर घूमाने का ये अच्छा मौका भी है। परिवार के साथ समय बिताना बेहद जरूरी है तो चलिए हम आपको नर्मदापुरम के कुछ खास पिकनिक स्पॉट के बारे में बताते हैं। जिसकी मदद से आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ पिकनिक का आनंद ले सकेंगे। आईए जानें नर्मदापुरम जिले के खास पिकनिक स्पॉटों में मौजूद सुविधाएं और खामियों के बारे में...!
पिकनिक स्पॉट 01 : आदमगढ़ की पहाडिय़ां
फोटो : एचडी1830-31-32
देशभर में शैलचित्रों के लिए मशहूर नर्मदापुरम की आदमगढ़ पहाडिय़ां हरियाली से घिर गई हैं। आदमगढ़ पहाडिय़ा को पर्यटकों के लिए विकसित किया गया है। यहां आवाजाही के लिए पाथवे बनाए गए हैं। इसके अलावा पर्यटकों की सुविधा के लिए सुलभ कॉम्पलेक्स और बैंचें लगाई गई है। यहां हर साल हजारों पर्यटक देशभर से शैलचित्र देखने आते हैं। आदमगढ़ पहाडिय़ा के 18 शेल्टरों (शैलाश्रय) में शैल चित्र बने हैं।
चार किमी क्षेत्र में फैली आदमगढ़ की पहाडिय़ां-
यहां आदिमानवों के बनाए पाषाण उपकरण भी पहले खुदाई के दौरान मिल चुके हैं। प्राकृतिक रंगों से बनाए गए हैं चित्र नर्मदापुरम की आदमगढ़ पहाड़ी लगभग 4 किमी क्षेत्र में फैले हैं। इतिहासकारों के अनुसार यहां मौजूद आदमगढ़ पहाड़ी पर शैलचित्र 20 हजार वर्ष पुराने हैं।
कमी : सुलभ कॉम्पलेक्स में ताला है। अभी हैंडओवर नहीं हुआ है। पहाड़ों पर बने शैलचित्र देखने सुबह और शाम का समय ज्यादा बेहतर रहेगा। क्योंकि धूप तेज होने से दोपहर में पत्थरों से उमस और गर्मी बढ़ जाती है।
-----------
पिकनिक स्पॉट 02 : तिलकसिंदूर
फोटो :
इटारसी से महज 18 किलोमीटर दूर स्थित सतपुड़ा के पहाड़ों में यह स्थान है। यहां प्राचीन शिवलिंग है। मान्यता है कि यहां शिवलिंग पर सिंदूर चढ़ाने से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं। यह स्थान प्राचीन काल से आदिवासियों के राजा-महाराजा का भी पूजन स्थल बना हुआ है। चारों तरफ से प्राकृतिक वादियों से घिरा यह खूबसूरत धार्मिक और पिकनिक स्पॉट है।
भस्मासुर से बचने यहां भी छुपे थे-
किवदंती है कि जब भस्मासुर भगवान शंकर को मारने के लिए पीछे पड़ गया था, तो उससे पीछा छुड़ाने के लिए भगवान ने सतपुड़ा की इन्हीं पहाडिय़ों में शरण ली थी। यहां कई दिनों तक छुपने के बाद उन्होंने पचमढ़ी जाने के लिए एक सुरंग का निर्माण किया था। यहीं से वे पचमढ़ी के जटाशंकर में जाकर छुपे थे।
कमी : रात के समय यहां रुकने का इंतजाम नहीं है। गांव और रिहायशी बस्ती यहां से कुछ दूरी पर है। जंगली जानवरों का खतरा रहता है। बंदरों का झुंड भी परेशान करते हैं।
-----------
पिकनिक स्पॉट 03 : तवा बांध व रिसोर्ट
फोटो :
इटारसी से 29 किमी दूर स्थित तवा बांध और तवा रिसोर्ट खूबसूरत पिकनिक स्पॉट हैं। तवा बांध के सामने बने पार्क में पिकनिक के साथ स्पोट्र्स गतिविधियां कर सकते हैं। जिसका कोई शुल्क नहीं है। इधर तवा रिसोर्ट में वॉटर स्पोट्र्स सहित भोजन और ठहरने का इंतजाम है। लेकिन इन सभी सुविधाओं के बदले आपको अच्छी खासी रकम खर्च करनी होगी। तवा बांध में जलस्तर बढऩे के दौरान उसके गेट खोल दिए जाते हैं। जिससे जलप्रपात का नजारा मन मोह लेता है।
वॉटर स्पोट्र्स का इंतजाम-
तवा रिसोर्ट में सैलानी तवानगर से मढ़ई तक का सफर स्पीड बोट से कर सकते हैं। इसके लिए अलग-अलग शुल्क तय है।
खामी : फिलहाल तवा बांध का जलस्तर काफी कम हो गया है। जिसकी वजह से क्रूज का संचालन अभी बंद है। तवा के गेट भी अभी नहीं खुलेंगे। इसलिए जलप्रपात का नजारा भी नहीं देख सकेंगे।
-----------
पिकनिक स्पॉट 04 : हर्बल पार्क घाट
फोटो : एचडी1833
नर्मदापुरम का हर्बल घाट नर्मदा नदी पर बना है। यह घाट गोवा के किसी बीच से कम नजर नहीं आता। हरियाली के बीच से होते हुए लोग रेतीली जमीन पर चलते हुए घाट पर पहुंचते हैं। जहां नर्मदा की लहरें मन को मोह लेती है। रेत, पानी और ग्रीनरी का यहां अद्भुत संगम स्थल है।
भीड़भाड़ से दूर प्राकृतिक एकांत-
शहरी कोलाहल से दूर शहर के भीतर बना यह खूबसूरत पिकनिक स्पॉट है। जहां आप घंटों दोस्तों और परिवार के साथ समय व्यतीत कर सकते हैं।
कमी : घाट पर कहीं कम तो कहीं उथला हुआ पानी रहता है। कई बार लोग गहरे पानी में चले जाते हैं। जिससे जान का खतरा है। यहां खानपान का कोई इंतजाम नहीं है।