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नदी के बीच से चट्टानें हटाने का तैयारी, ताकि सीधी बहे नर्मदा की धार

जितेंद्र वर्मा नर्मदापुरम. नर्मदा नदी की उफनती लहरों से नर्मदापुरम को बाढ़ मुक्त करने के लिए अनूठा प्रयोग किया जा रहा है। बांद्राभान में तवा और नर्मदा नदी के संगम स्थल से नदी के बीच में उभरी चट्टानों से टकराकर किनारों की तरफ आने वाली धार को सीधा किया जाएगा। यहां ग्राम गुराड़िया से बांद्राभान संगम तक तीन किलोमीटर के इलाके से चट्टानों को पानी के बीच से हटाने की योजना है। यह कैसे संभव होगा, इसे समझने के लिए करीब एक सप्ताह पहले जल संसाधन विभाग आईआईटी रुड़की और मुम्बई से आए वैज्ञानिकों ने नर्मदा और तव

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नदी के बीच से चट्टानें हटाने का तैयारी, ताकि सीधी बहे नर्मदा की धार

नर्मदापुरम. नर्मदा नदी की उफनती लहरों से नर्मदापुरम को बाढ़ मुक्त करने के लिए अनूठा प्रयोग किया जा रहा है। बांद्राभान में तवा और नर्मदा नदी के संगम स्थल से नदी के बीच में उभरी चट्टानों से टकराकर किनारों की तरफ आने वाली धार को सीधा किया जाएगा।

जल संसाधन विभाग के मुताबिक नर्मदापुरम में नर्मदा का पानी ग्राम गुराड़िया से बांद्राभान की तरफ से आता है। बांद्राभान में तवा नदी भी नर्मदा में मिल जाती है। इन दोनों ग्रामों के बीच नदी में बड़ी-बड़ी चट्टानें निकल आई हैं। इन चट्टानों से नदी के पानी का बहाव टकराकर बिखर जाता है। इससे सीधी जाने वाली पानी की धार किनारों की तरफ तेजी से आती है। यही पानी बाढ़ का मुख्य कारण बनता है। आईआईटी रुड़की और मुम्बई से आए वैज्ञानिकों इस पर अपनी रिपोर्ट देंगे।

बांद्राभान से पानबर्री तक हालत खराब
बताया जाता है कि बांद्राभान पानी का जंक्शन बन गया है। चट्टानों के कारण पानी रुक जाता है। इस पानी से बांद्राभान, गुराड़िया और पानबर्री गांव बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं।

कटाव रोकने में सहायक होगा प्रयोग
नदी के बीच से चट्टाने हटाने से नर्मदा नदी की तीव्र गति से किनारों से टकराने वाली धार सौम्य स्वरूप में आ जाएगी। इससे किनारों पर भूमि का कटाव रुकेगा।

बारिश बाद शुरू होगा काम
विभाग बारिश के चार महीनों में इस पूरी योजना को तैयार करेगा। बारिश का दौर खत्म होने पर ही इस पर काम शुरू किया जाएगा।

योजना पर काम चल रहा है
गुराड़िया से बांद्राभान के बीच तीन किलोमीटर इलाके से नदी के बीच से चट्टानों को हटाने के लिए आईआईटी रूड़की और मुंबई के वैज्ञानिकों ने निरीक्षण किया था। इस प्रयोग से नर्मदापुरम बाढ़ मुक्त हो सकता है। साथ ही कटाव भी रुक जाएगा। योजना पर काम चल रहा है।
— वीरेंद्र कुमार जैन, एसई, तवा, जल संसाधन विभाग,

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