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भीषण गर्मी में बारिश से फुल हुआ तवा डैम, 25 मिलीयन क्यूबिक मीटर पानी बढ़ा

तवा डैम फुल होने के बाद जब बारिश के गेट खोले जाते हैं, तो कई नदियों में बाढ़ आ जाती है, कई गांव डूबने की कगार पर खड़े हो जाते हैं. इसी तवा डैम में भीषण गर्मी में 25 एमसीएम पानी आना कोई छोटी बात नहीं है।

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भीषण गर्मी में बारिश से फुल हुआ तवा डैम, 25 मिलीयन क्यूविक मीटर पानी बढ़ा

भीषण गर्मी में बारिश से फुल हुआ तवा डैम, 25 मिलीयन क्यूविक मीटर पानी बढ़ा

नर्मदापुरम. भीषण गर्मी में जहां हर साल नदी, तालाब और बांध का जलस्तर गिरने लगता है। कई नदियां तो सूख तक जाती हैं। वहीं मध्यप्रदेश में गर्मी के मौसम में हो रही बारिश और ओलावृष्टि के कारण नर्मदा नदी पर बने तवा डैम का जल स्तर बढ़ गया है। हैरानी की बात तो यह है कि तवा डैम में थोड़ा बहुत नहीं बल्कि 25 मिलीयन क्यूबिक पानी बढ़ा है।

आपको बतादें कि मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में स्थित तवा डैम फुल होने के बाद जब बारिश के गेट खोले जाते हैं, तो कई नदियों में बाढ़ आ जाती है, कई गांव डूबने की कगार पर खड़े हो जाते हैं, तवा डैम की गिनती जहां प्रदेश में कई बड़े डैमों में होती है, वहीं तवा डैम पर्यटन की दृष्टि से भी बहुत खास है, लोग बारिश के मौसम में यहां सैर सपाटा करने और आसपास के क्षेत्र में पिकनिक मनाने के लिए जाते हैं। ऐसे में जब भी तवा डैम का नाम आता है, लोग उसके बारे में जानने को उत्सुक हो जाते हैं।

गर्मी में तीसरी फसल मूंग को सिचाई के लिए पानी देने के बाद तवा बांध में जल स्तर कम हुआ था। बांध का रिजर्व लगने की हालत हो गई थी, लेकिन अचानक हो रही मौसम बरसात ने बांध को रीचार्ज कर दिया है। बांध में तीन चार दिनों में 25 मिलीयन क्यूबिक मीटर (एमसीएम ) पानी जमा हो गया है।

नर्मदापुरम सहित हरदा जिले में मूंग की फसल के लिए किसानों को तवा बांध से नहरों के जरिए सिंचाई का पानी दिया जा रहा है। जल सांसाधन विभाग के मुताबिक 45 दिनों में तवा से दोनों जिलों को लगभग 450 एमसीएम पानी दिया गया है। इसके बाद तवा का जल स्तर कम हुआ था। पिछले तीन चार दिनों में हुई बेमौसम बरसात से बांध को 25 एमसीएम पानी मिल गया है। है। नहरों के अलावा भी बांध बिजली उत्पादन सहित इटारसी रेलवे स्टेेशन, आर्डिनेंस फैक्ट्री आदि को पानी देता है। लगभग 25 एमसीएम पानी को हमेशा रिजर्व रखा जाता है।

मानसून की बारिश में तवा बांध के कैचमेंट में पानी को संरक्षित करने के लिए कई प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए जल सांसाधन विभाग प्लान बना रहा है। पानी को कैचमेंट में जमा करने के लिए गहरे हो ल बनाने की योजना भी बनाई गई है।

शिल्ट निकालने के लिए नहीं मिली कंपनीतवा बांध में जमा शिल्ट को निकालने के लिए जल संसाधन विभाग को छह महीने बाद भी कोई ठेकेदार कंपनी नहीं मिली है। विभाग ने लगभग 1100 कारोड़ रुपए का टेंडर निकाला है, लेकिन अभी तक किसी भी कंपनी ने टेंडर नहीं भरा है। शिल्ट निकलने के लिए मुम्बई , दिल्ली सहित देश के कई हिस्सों से अलग-अलग टीमों ने आकर बांध का सर्वे किया है।

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बेमौसम बारिश से तीन चार दिनों में बांध को 25 एमसीएम पानी मिल गया है। इससे जल निधि में वृद्धि हुई हैं। बांध से नर्मदापुरम और हरदा जिले को मूंग सिंचाई के लिए 45 दिनों में 450 एमसीएम पानी दिया है। इससे जल स्तर तो कम हुआ है। शिल्ट निकालने जल्द ही कोई कंपनी आ जाएगी।

वीरेन्द्र कमार जैन, एसई तवा जल संसाधन विभाग नर्मदापुरम

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