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मेन वाल्व में मामूली लीकेज बन सकता है जानलेवा

गंदगी में डूबे मेन वाल्व से खतरे में पेयजल, आधा दर्जन वार्डों की आपूर्ति पर सवाल मेन वाल्व में मामूली लीकेज बन सकता है जानलेवा

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drinking water supply

drinking water supply

minor leak in the main valve can be fatal

शहर की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में मौजूद एक छोटी सी तकनीकी खामी कभी भी बड़े स्वास्थ्य संकट का कारण बन सकती है। राजीव वार्ड स्थित इतवारा बाजार की पानी की टंकी में लगे मेन वाल्व गंदगी, कीचड़ और काई से भरे पानी में डूबे हुए हैं। इन्हीं मेन वाल्वों के जरिए शहर के लगभग आधा दर्जन वार्डों में पीने के पानी की सप्लाई होती है। यदि इनमें जरा सा भी लीकेज हुआ तो साफ पानी के साथ दूषित पानी सीधे घरों तक पहुंच सकता है।


पुरानी टंकी,बदहाल परिसर और बढ़ता जोखिम


राजीव वार्ड की यह पेयजल टंकी काफ ी पुरानी है और इसका पूरा परिसर अव्यवस्था का शिकार है। चारों ओर मिट्टी और कचरे के ढेर लगे हुए हैं। जिस पंप के जरिए टंकी में पानी भरा जाता है, उसका मेन वाल्व भी पूरी तरह गंदगी के बीच स्थित है। सप्लाई लाइन से जुड़ा दूसरा मेन वाल्व काईयुक्त और गंदे पानी में डूबा रहता है, जिससे पेयजल की शुद्धता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।


सुअरों की धमाचौकड़ी, संक्रमण का खतरा कई गुना


टंकी परिसर में सुअरों की लगातार मौजूदगी स्थिति को और भयावह बना रही है। गंदगी और कीचड़ के बीच सुअरों की धमाचौकड़ी आम बात है। ऐसे माहौल में यदि पानी की सप्लाई में दूषित तत्व मिल ग, तो डायरिया, पीलिया और अन्य जलजनित बीमारियों के फैलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय लोगों का कहना है कि सबसे ज्यादा खतरा बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को रहेगा।


पंप ऑपरेटरों के लिए शेड नहीं, निगरानी कमजोर


इस पानी की टंकी पर नियुक्त दो पंप ऑपरेटरों के लिए किसी प्रकार के शेड की व्यवस्था नहीं है। सर्दी, बारिश या तेज धूप में उनके पास सिर छिपाने तक की जगह नहीं होती। मजबूरी में वे केवल मोटर चालू और बंद करने के समय ही मौके पर पहुंचते हैं। ऑपरेटरों का कहना है कि उन्होंने शेड निर्माण के लिए कई बार आवेदन दिए। लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई।


सेंपलिंग तक सीमित कार्रवाई, असली खतरा अनदेखा


हाल ही में इंदौर में हुए हादसे के बाद मिले सरकारी निर्देशों के बाद नगर पालिका ने पेयजल की शुद्धता जांचने के लिए टंकियों में भरे पानी की सेंपलिंग कर नमूने जांच के लिए भेजे। हालांकि यह कार्रवाई महज औपचारिकता मानी जा रही है, क्योंकि टंकी से निकलने वाली सप्लाई लाइन और गंदगी में डूबे मेन वाल्वों की सफ ाई और जांच अब तक नहीं की गई है। नगर पालिका की ओर से फि लहाल सिर्फ आश्वासन ही दिए गए हैं।


ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो बन सकता है बड़ा संकट


स्थानीय नागरिकों का मानना है कि अभी तक तो पेयजल की खराबी से किसी प्रकार की शिकायत सामने नहीं आई है। लेकिन यदि समय रहते मेन वाल्वों की सफ ाई, लीकेज टेस्टिंग और पूरे परिसर का सैनिटाइजेशन नहीं किया गया। तो शहर की बड़ी आबादी को दूषित पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। जरूरत है कि नगर पालिका सेंपलिंग से आगे बढकऱ स्थायी और ठोस कदम उठाए ताकि पेयजल की शुद्धता बनी रहे और संभावित स्वास्थ्य संकट को रोका जा सके।


वर्जन


जिला अस्पताल में फिलहाल उल्टी दस्त और डायरिया के मरीज नहीं पहुंच रहे हैं। वैसे भी इस संबंध में सभी संबंधितों को निर्देशित किया गया है कि ऐसे मामले सामने आने पर तुरंत जानकारी उपलब्ध कराएं।
डा राहुल नेमा आरएमओ जिला अस्पताल


वर्जन


पिछले दिनों लिए गए पेयजल टंकियों के सेंपलों की प्राथमिक जांच में कोई खराबी नहीं पाई गई है। एहतियात के तौर पर इन सेंपलों को लैब में जांच के लिए पीएचई भेजा गया है। वार्ड स्तर पर पेयजल की जांच के लिए किट बुलवाई गई है। एक दो दिनों में वार्ड स्तर पर भी पानी की जांच शुरू हो जाएगी। जहां तक इतवारा बाजार की टंकी की समस्या है तो उसमें लीकेज होने के कारण पानी परिसर में भरता रहता है। यहां सफाई कराई जाएगी। यहां पर नई टंकी का निर्माण भी प्रस्तावित है।
पुरूषोत्तम वाडबुद्धे इंजीनियर व जल प्रभारी नगरपालिका नरसिंहपुर