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चार दिन में टूटा सात जन्मों का बंधन, सात को डोली आई ग्यारह को उठी अर्थी, जानें क्या हुआ

चार दिन में टूटा सात जन्मों का बंधन, सात को डोली आई ग्यारह को उठी अर्थी, जानें क्या हुआ

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accident : char dinon me tout gya sat janmon ka bandhan

accident : char dinon me tout gya sat janmon ka bandhan

नरसिंहपुर/गोटेगांव। 7 मई को लिलवानी निवासी संगीता मौर्य और बरहटा गांव निवासी प्रमोद कहार विवाह बंधन में बंधे। दोनों ने सात फेरे लेकर साथ जीने-मरने की कसमें खाईं, लेकिन एक सडक़ हादसे ने सात जन्मों के बंधन को तोड़ दिया। विवाह के चौथे दिन ही परिवार वालों के साथ ससुराल से विदा होकर मायके लौट रही नवविवाहिता संगीता सडक़ हादसे का शिकार हो गई और जबलपुर में इलाज के दौरान उसने दमतोड़ दिया।
शनिवार को संगीता का शव उसके ससुराल बरहटा गांव लाया गया। शव गांव में पहुंचते ही शौक की लहर दौड़ गई। जिस बहू के हाथों की अबतक मेंहदी भी नहीं छूटी थी उसे परिवार के लोगों ने अंतिम विदा देने के लिए तैयार किया। नम आखों से विदाई दी। पति प्रमोद कहार ने अंतिम संस्कार किया। जानकारी के अनुसार 10 अप्रैल को लिलवानी से संगीता के परिजन उसे विदा कराने के लिए चारपहिया वाहन क्रमांक एमपी 04 बीसी 4225 से पहुंचे थे। संगीता को विदा करवाकर लौट रही कार फोरलेन पर कठौतिया के समीप टायर फूटने के कारणर हादसे का शिकार हो गई और पलट गई। जिसमें संगीता गंभीर रूप से घायल हो गई। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसे जबलपुर रैफर किया गया था। संगीता के अलावा कार सवार नेहा पिता संजय नौरिया (19), नेतराम पिता सुखराम नौरिया (25), दीनदयाल पिता मनमोद (16), राहुल पिता दशरथ (22), शुभम पिता दिनेश (12) सभी निवासी लिलवानी को चोटें आई थी।