
एनआइसी कक्ष में मुख्य सचिव के निर्देश सुनते अधिकारी।
illegal exploitation of mineral नरसिंहपुर. जिले में खनिज संपदा के बेजा अवैध दोहन को रोकने में प्रशासन नाकाम साबित हो रहा है। खनिज विभाग की हालत यह है कि वर्ष 2024-2025 में विभाग की कार्रवाई ढुलमुल होने से प्रकरण कम रहे। विभाग साल भर में सिर्फ 96 प्रकरण ही कायम कर सका। जबकि जिले में अवैध खनन, परिवहन रोकने के लिए प्रभारी मंत्री से लेकर सांसद तक कई बार बैठकों में निर्देश दे चुके हैं। अब वीसी के जरिए मुख्य सचिव ने खनिज माफियाओं के खिलाफ प्रभावी अभियान चलाकर सख्ती से कार्रवाई करने निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव अनुराग जैन के निर्देशों को स्थानीय एनआइसी कक्ष नरसिंहपुर में कलेक्टर रजनी सिंह, एसपी डॉ. ऋषिकेश मीणा, सीईओ जिला पंचायत गजेन्द्र सिंह नागेश सहित अन्य विभागों के जिला प्रमुखों ने भी सुना।
मुख्य सचिव ने निर्देश देते हुए अवैध खनिज परिवहन एवं उत्खनन की रोकथाम हेतु निगरानी बढ़ाने तथा संयुक्त कार्रवाई करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
उत्खनन-भंडारण के प्रकरण कम
खनिज विभाग के आंकड़े वित्तीय वर्ष 2024-2025 में खनिज विभाग द्वारा की गई जांच कार्रवाई की औपचारिकता को खुद ही बयां कर रहे हैं। विभाग ने कुल 96 प्रकरण बनाए। इनमें से अवैध परिवहन के 78 प्रकरणों में 44,96,232 रुपए की जुर्माना राशि जमा कराई गई। अवैध उत्खनन के 14 प्रकरणों में 12,72,285 रुपए की जुर्माना राशि वसूली गई। वहीं अवैध भंडारण के 4 प्रकरणों में 93,750 रुपए का जुर्माना जमा कराने का दावा किया गया है।
Published on:
22 Jan 2026 01:23 pm
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