
बाढ़ से इंटकवेल डूबा और भरी रेत, करेली, तेंदूखेड़ा की जलापूर्ति प्रभावित
नरसिंहपुर. पिछले दिनों हुई बारिश के कारण नर्मदा नदी के किनारे पर बने जलावर्धन प्लांटों के इंटकवेल बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। जिससे बाढ़ के दौरान बह कर आने वाली रेत और सिल्ट इन प्लांंटों के इंटकवेल में भर गई है। इनसे करेली और तेंदूखेड़ा नगरों में होने वाली जलापूर्ति प्रभावित हो गई है। हालांकि वैकल्पिक तौर पर इन निकायों द्वारा ट््यूबवेल और टेंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही है। बाढ़ के कारण पैदा हुई को सुधारने में करीब एक सप्ताह का समय लगने की संभावना बताई जा रही है।
पानी में डूबा तेेंदूखेड़ा का इंटकवेल
तेंदूखेड़ा नगर परिषद का जलावर्धन प्लांट का इंटकवेल नजदीकी ग्राम करोंदी के नर्मदा तट के किनारे लगाया गया है। यहां भी नर्मदा नदी में बाढ़ आने के कारण जलस्तर काफी अधिक बढ़ गया और यहां बना हुआ इंटकवेल पूरी तरह से पानी में डूब कर रह गया। जिसके कारण यहां की जलापूर्ति भी प्रभावित है। तेंदूखेड़ा नगर में फिलहाल पानी की आपूर्ति के लिए टैंकरों और ट््यूबवेेल का सहारा लिया जा रहा है।
रातीकरार इंटकवेल में भरी रेत
करेली नगरपालिका क्षेत्र के अंतर्गत वार्डो में जलावर्धन योजना के तहत वॉटर सप्लाई के लिए नजदीकी नर्मदा तट पर रातीकरार के घाट पर फिल्टर प्लांट और इंटकवेल बनाया गया है। यहां पिछले दिनों नर्मदा में बढ़े जल स्तर के कारण इंटकवेल के सप्लाई पाइप और चेंबर नदी के पानी में डूब गए। जिसके कारण इनमें रेत और सिल्ट भर गई। वहीं इस प्लांट के लिए नदी के किनारे से लगाए गए बिजली के खंभे भी पानी में डूब गए। जिससे यहां की बिजली आपूर्ति भी बंद हो गई। यहां के प्रोजेक्ट इंचार्ज प्रमोद धाकड़ ने बताया कि नदी में पानी के कम होने के साथ बिजली तो चालू्र हो गई है लेकिन अभी इंटकवेल में रेत और सिल्ट भरी हुई है। जिसे पानी का स्तर कम होने के बाद ही साफ किया जा सकेगा। इस कार्य में लगभग एक सप्ताह लग सकता है।
नर्मदा में बाढ़ आने के कारण तेंदूखेड़ा का इंटकवेल अभी भी पानी में डूबा हुआ है। फिलहाल दोनों शहरों में ट्यूबबेल और टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति की जा रही है। जैसे ही नर्मदा नदी का जलस्तर कम होगा तो इंटकवेल की सफाई शुरू हो सकेगी।
श्रीकांत पाटर, सीएमओ तेंदूखेड़ा एवं करेली
Published on:
24 Aug 2022 11:50 pm
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