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नरसिंहपुर जिले में बढ़ रही रक्त की मांग, संग्रहण बढ़ाने स्कूल-कॉलेजों में लगेंगी जागरूकता कक्षाएं

demand for blood from the district’s blood bank नरसिंहपुर. जिले में ब्लड बैंक से रक्त की बढ़ती मांग के चलते सभी ग्रुपों का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखना चुनौती बनता जा रहा है। गर्मी के मौसम में रक्त संग्रहण की रफ्तार धीमी होने और लोगों में रक्तदान को लेकर बनी भ्रांतियों के कारण स्थिति प्रभावित हो […]

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ब्लड बैंक प्रबंधन अब स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कक्षाएं आयोजित कर युवाओं को रक्तदान के लिए प्रेरित करने की तैयारी कर रहा है। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक से हर माह औसतन 600 से 800 यूनिट रक्त की खपत हो रही है। इसमें से करीब 300 यूनिट निजी अस्पतालों में उपयोग होता है,

जिला अस्पताल का ब्लड बैंक जहां ब्लड की मंाग ज्यादा है।

demand for blood from the district's blood bank नरसिंहपुर. जिले में ब्लड बैंक से रक्त की बढ़ती मांग के चलते सभी ग्रुपों का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखना चुनौती बनता जा रहा है। गर्मी के मौसम में रक्त संग्रहण की रफ्तार धीमी होने और लोगों में रक्तदान को लेकर बनी भ्रांतियों के कारण स्थिति प्रभावित हो रही है। इसे देखते हुए ब्लड बैंक प्रबंधन अब स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कक्षाएं आयोजित कर युवाओं को रक्तदान के लिए प्रेरित करने की तैयारी कर रहा है।
जिला अस्पताल के ब्लड बैंक से हर माह औसतन 600 से 800 यूनिट रक्त की खपत हो रही है। इसमें से करीब 300 यूनिट निजी अस्पतालों में उपयोग होता है, जबकि लगभग 300 यूनिट जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं एवं हीमोग्लोबिनोपैथी से पीडि़त मरीजों के उपचार में खर्च होता है। इसके मुकाबले संग्रहण कई बार कम रह जाता है, जिससे जरूरत के समय रक्त उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
ब्लड बैंक प्रबंधन के अनुसार उपलब्ध रक्त को गर्भवती महिलाओं, सिकल सेल और थैलेसीमिया से पीडि़त मरीजों को प्राथमिकता दी जाती है। बीते फरवरी माह में सिकल सेल रोग से संबंधित 19 यूनिट रक्त जारी किया गया, जबकि थैलेसीमिया मरीजों के लिए 2 यूनिट रक्त उपलब्ध कराया गया। कई बार ऐसे मरीज भी पहुंचते हैं, जिनके साथ कोई रक्तदाता नहीं होता या स्वास्थ्य कारणों से रक्तदान संभव नहीं होता, तब ब्लड बैंक के माध्यम से ही व्यवस्था करनी पड़ती है।
वर्जन
रक्तदान के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए जल्द ही स्कूल और कॉलेजों में जागरूकता सत्र आयोजित किए जाएंगे। सामाजिक संगठनों के सहयोग से नुक्कड़ नाटक और रैली जैसे कार्यक्रम भी किए जाएंगे। रक्तदान से जरूरतमंद मरीज का जीवन बचाया जा सकता है।


— डॉ. स्वाति मीना, जिला ब्लड बैंक प्रभारी नरसिंहपुर
कौन कर सकता है रक्तदान
18 से 65 वर्ष आयु का स्वस्थ व्यक्ति
न्यूनतम वजन लगभग 45-50 किलोग्राम
हीमोग्लोबिन निर्धारित मानक के अनुसार होना चाहिए
किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित न हो
पिछले 3 माह में रक्तदान न किया हो
गर्भवती महिलाएं रक्तदान नहीं कर सकतीं
रक्तदान इसलिए है जरूरी
दुर्घटना, ऑपरेशन और प्रसव के दौरान तत्काल जरूरत
सिकल सेल, थैलेसीमिया जैसे मरीजों को नियमित रक्त की आवश्यकता
समय पर रक्त मिलने से जीवन बचाया जा सकता है
एक यूनिट रक्त कई मरीजों की मदद कर सकता है