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धूप से तेज भक्तों का उत्साह, 801 घट-कलश की भव्य शोभायात्रा, दर्शन करने उमड़ा जनसैलाब, जगह-जगह भंडारे

801 Ghat-Kalash Sadar Temple नरसिंहपुर. शहर में बुधवार को माता के भक्तों की आस्था और उत्साह ने धूप को मात दे दी। सदर मंदिर से सुबह करीब साढ़े 8 बजे शुरू हुई देवी प्रतिमा के साथ 801 घट-कलश जवारों की भव्य शोभायात्रा में शामिल होने जनसैलाब उमड़ पड़ा। जैसे-जैसे धूप चढ़ी, यात्रा आगे बढ़ी लेकिन […]

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शहर में बुधवार को माता के भक्तों की आस्था और उत्साह ने धूप को मात दे दी। सदर मंदिर से सुबह करीब साढ़े 8 बजे शुरू हुई देवी प्रतिमा के साथ 801 घट-कलश जवारों की भव्य शोभायात्रा में शामिल होने जनसैलाब उमड़ पड़ा। जैसे-जैसे धूप चढ़ी, यात्रा आगे बढ़ी लेकिन भक्तों का उत्साह जरा भी कम नहीं हुआ।

बुधवार को देवी प्रतिमा के साथ 801 घट-कलश जवारों की भव्य शोभायात्रा में शामिल होने जनसैलाब उमड़ा।

801 Ghat-Kalash Sadar Temple नरसिंहपुर. शहर में बुधवार को माता के भक्तों की आस्था और उत्साह ने धूप को मात दे दी। सदर मंदिर से सुबह करीब साढ़े 8 बजे शुरू हुई देवी प्रतिमा के साथ 801 घट-कलश जवारों की भव्य शोभायात्रा में शामिल होने जनसैलाब उमड़ पड़ा। जैसे-जैसे धूप चढ़ी, यात्रा आगे बढ़ी लेकिन भक्तों का उत्साह जरा भी कम नहीं हुआ। करीब 10 घंटे के दौरान शोभायात्रा में जवारों और माता की प्रतिमा का दर्शन करने श्रद्धालुओं की भीड़, सडक़ से लेकर घरों की छत, बालकनी में लगी रही। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं और सिर पर कलश लेकर चलतीं महिलाओं को सडक़ की तपन परेशान न करे इसके लिए पूरी सडक़ को पानी से तर किया जाता रहा। जगह-जगह स्टाल लगाकर भंडारे करते हुए फल, शरबत, छांछ, हलवा, फलाहारी सामग्री आदि का वितरण होता रहा। शोभायात्रा में 30 से 35 हजार लोगों की भीड़ का अनुमान जताया गया है।
शोभायात्रा देखने कई जगह से आए श्रद्धालु


सार्वजनिक जवारे समिति की जवारे विसर्जन शोभायात्रा में जहां पूरा शहर सहभागी बना वहीं दर्शन करने आसपास के गांव-नगरों से भी लोग पहुंचे। शोभायात्रा रूट पर दिनभर वाहनों की आवाजाही बंद रही। रूट से जुड़े मार्गो को भी बेरीकेड लगाकर बंद कर दिया गया था। मॉडल रोड, मुख्य रोड पर जगह-जगह स्वागत पंडाल लगाकर सजावट की गई थी, टेंकरों से पानी डालकर रूट मार्ग को तर किया जाता रहा। यात्रा में जनप्रतिनिधियों ने भी शामिल होकर दर्शन-पूजन किया।
मनमोहक रहीं झांकियां व नृत्य दल


शोभायात्रा में रथ पर देवी-देवताओं की वेशभूषा में सजे बच्चों की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। वहीं नृत्य दलों ने भी अपनी कलाओं से लोगों का ध्यान खींचा। यात्रा में बड़ी संख्या में माता की भक्ति में श्रद्धालु लोहे से बने वाना पहने हुए चल रहे थे, भजन-संकीर्तन मंडलियों ने भी लोकधुनों से भक्तों को मंत्रमुग्ध किया। अखाड़ा के कलाकारों ने अपने करतब दिखाए।
डीजे की धुन पर झूमकर नाची भक्तों की टोली


शोभायात्रा में जहां एक दर्जन से अधिक डीजे शामिल रहे वहीं यात्रा रूट के प्रमुख चौराहों पर भी लगे डीजे-साउंड में देवी गीत गूंजते रहे, महिलाओं-युवतियों, युवाओं की टोली अलग-अलग ग्रुपों में नृत्य करती नजर आई।
यात्रा के पीछे-पीछे सफाई का चलता रहा कार्य


यात्रा के पीछे नगरपालिका की सफाई टीम रोड की सफाई के लिए कार्य करते हुए चली। नगरपालिका अध्यक्ष नीरज दुबे समेत अन्य सदस्यों ने भी इस सफाई कार्य में योगदान दिया। जिससे यात्रा के बाद आने-जाने वालों को रोड पर गंदगी न दिखे।
पुलिस का रहा सख्त पहरा, ड्रोन से निगरानी
शोभायात्रा के दौरान पुलिस की सख्त निगरानी रही। शहर के हर चौराहों, सार्वजनिक स्थलों पर जहां बल तैनात रहा। वहीं यात्रा के साथ भी पुलिस बल चलता रहा, तैनात अधिकारियों द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को पल-पल की अपडेट दी जाती रही, कंट्रोल रूम से भी पूरे रूट की निगरानी में अमला सक्रिय रहा। संवेदनशील स्थानों पर कड़ी चौकसी रही, ड्रोन के जरिए भी प्रमुख स्थानों पर निगरानी रही।
इन मार्गो पर अधिक रहा यातायात का दबाब

शोभायात्रा सदर से सुभाष पार्क, बाहरी रोड से पुराने बस स्टैंड, पुत्री शाला होकर मुख्य रोड से सुभाष पार्क तक शाम करीब 6.30 बजे तक पहुंची। इस दौरान यातायात का दबाब बाहरी रोड, कॉलेज रोड, बरगी रोड तरफ अधिक रहा। प्रमुख चौराहों पर दमकल, एंबुलेंस समेत सुरक्षा व्यवस्था के लिए अन्य वाहन तैनात रहे।