
कलेक्टर को पीड़ा सुनाते हुए फरिया
esolving consumer problems नरसिंहपुर. बिजली विभाग की कार्यप्रणाली हर समय सुर्खियों में रहती है। कभी मनमाने बिलों को लेकर तो कभी उपभोक्ताओं की समस्याओं के निराकरण में देरी के मामले में। मंगलवार को ग्राम रौंसरा से कलेक्ट्रेट पहुंचे एक दपंति ने कलेक्टर को आवेदन देकर कहा कि वह तीन-चार वर्षो से परेशान हैं। लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। दंपति ने इस दौरान आत्मदाह करने की चेतावनी भी दे दी। रौंसरा निवासी आरती शर्मा व उनके पति जगदीश शर्मा ने कलेक्टर को आवेदन सौंपते हुए बताया कि उनके खेत में लगे बिजली के खंबे पड़ोसियों द्वारा तोड़ दिए गए है। जिससे खेती पूरी तरह चौपट हो गई। इसके बावजूद विद्युत विभाग द्वारा उन्हें लगातार बिजली बिल थमाया जा रहा है, जबकि खेत में बिजली कनेक्शन ही नहीं है। उन्होंने बताया कि बीते साल 26 जनवरी को उन्होंने लिखित शिकायत दी थी। जिस पर बिजली विभाग के अधिकारियों ने आठ दिन में खंबे लगाकर कनेक्शन देने का आश्वासन दिया था। लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। दंपति ने पड़ोसी व लाइनमैन पर मिलभगत कर खंबे, लीड, पाइप उखाडऩे का आरोप लगाया। कहा कि इससे उनकी पूरी सिंचाई व्यवस्था नष्ट हो गई और लाखों रुपए का नुकसान हुआ। पीडि़त ने समस्या के कारण करीब 10 लाख रुपए का नुकसान होने की बात कही है। कहना है कि पुलिस ने भी सुनवाई नहीं की। भरण-पोषण करने महाराष्ट्र और विदिशा जिले में मजदूरी व यजमानी का काम करना पड़ रहा है। वे मानसिक रूप से टूट चुके हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र न्याय नहीं मिला तो वे आत्मदाह जैसा कदम उठाने को मजबूर होंगे।
वर्जन
शिकायत मेरी जानकारी में आई है। जिस जगह का ये मामला है, वहां लोगों के आपसी विवाद ज्यादा हैं, जिसके कारण विभाग बिजली के खंबे नहीं लगवा पा रहा है। पिछले साल भी दो खंबे गाड़े गए थे, लेकिन वे भी तोड़ दिए गए। हम जांच करा रहे हैं।
नीलाभ श्रीवास्तव, अधीक्षण यंत्री एमपीईबी
Published on:
21 Jan 2026 02:01 pm
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