
Software Engineer quit job for wife
MP News : भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां रिश्ते स्वार्थ की भेंट चढ़ रहे हैं, ऐसे में मुंबई के एक दंपती की प्यार और समर्पण की कहानी दिल को छू रही है। मैकेनिकल इंजीनियर निनाद और पत्नी स्नेहल रावल चौधरी ने न सिर्फ प्रेम विवाह को 7 साल तक अटूट रखा, बल्कि समर्पण की ऐसी मिसाल पेश की जो हर किसी को प्रेरित करती है। निनाद ने अच्छी-खासी नौकरी सिर्फ इसलिए छोड़ दी, ताकि वह बीमार पत्नी स्नेहल की इच्छा-नर्मदा परिक्रमा(Narmada Parikrama) पूरा करा सके। तीन महीने से दंपती नर्मदा तटों पर यात्रा कर रहे हैं। दंपती रोज 20-25 किमी चलते हैं। 350 किमी से अधिक की यात्रा बाकी है।
निनाद और स्नेहल(Mumbai couple love story) की मुलाकात 2012 में हुई। स्नेहल मुंबई के पास ट्रैवल एजेंसी चलाती थीं। निनाद कर्नाटक के बेल्लारी में जिंदल स्टील प्लांट में मैकेनिकल इंजीनियर थे। 2018 में दोनों ने शादी कर ली।
स्नेहल 10 साल से अपच की गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं। शादी के बाद वे निनाद के साथ जिंदल स्टील प्लांट की कॉलोनी में रहने गईं तो सिल्वर डस्ट प्रदूषण सेहत के लिए खतरा बन गया। मुंबई में इलाज के बाद भी सुधार नहीं हुआ। स्नेहल बताती हैं कि मैं हताश हो चुकी थी। तभी आंध्रप्रदेश के पीठापुरम में गुरु श्रीपाद श्रीवल्लभ के पास गई। उन्होंने नर्मदा परिक्रमा करने का आदेश दिया। यह नई उम्मीद थी। स्नेहल ने यूट्यूब पर नर्मदा परिक्रमा(Narmada Parikrama) का रूट खोजा और निनाद से इच्छा साझा की। निनाद ने बिना देर किए नौकरी छोड़ दी और स्नेहल के साथ परिक्रमा पर निकल पड़े।
नर्मदा परिक्रमा लगभग 3000 किलोमीटर की होती है। यह परिक्रमा मध्य प्रदेश में अमरकंटक से शुरू होकर गुजरात की तरफ खंबात की खाड़ी(अरब सागर) तक जाती है। बता दें कि स्नेहल और निनाद ने एमपी के ओंकारेश्वर से नर्मदा परिक्रमा शुरू की। अमरकंटक होते हुए वे अब नरसिंहपुर के बरमान घाट पहुंचे हैं। नर्मदा परिक्रमा के दौरान स्नेहल की तबीयत कई बार बिगड़ी। हालत गंभीर होने के चलते स्नेहल को तीन बार अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। फिर भी उसका हौसला कम नहीं हुआ।
Updated on:
03 May 2025 12:29 pm
Published on:
03 May 2025 11:47 am
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