25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

प्रस्ताव को मिली स्वीकृति, नर्मदा की सहायक शक्कर नदी पर बनेगा बांध

सिंचित होगी 188 गांवों की 64 हजार हेक्टेयर की कृषि भूमि

2 min read
Google source verification
प्रस्ताव को मिली स्वीकृति, नर्मदा की सहायक शक्कर नदी पर बनेगा बांध

प्रस्ताव को मिली स्वीकृति, नर्मदा की सहायक शक्कर नदी पर बनेगा बांध

नरसिंहपुर. जिले की जीवनदायिनी नर्मदा की प्रमुख सहायक नदियों में शुमार शक्कर नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में पानी की समस्या का सामना करने वाले पहाड़ी अंचल के गांवों के वाङ्क्षशदों के लिए खुशखबर है कि शक्कर नदी पर प्रस्तावित बांध के निर्माण को स्वीकृति मिल गई है। करेली तहसील के अंतर्गत आने वाले और पहाड़ी अंचल के ग्राम हथनापुर से करीब पांच किमी दूरी पर पहाडिय़ों के बीच बनने वाले इस बंाध से आने वाले दिनों में जिले के की गाडरवारा तहसील के करीब 188 गांवों की 64 हेक्टेयर हजार हेक्टेयर जमीन के लिए सिंचाई के लिए पानी मिल सकेगा। नर्मदाघाटी विकास विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक शक्कर-पेंच संयुक्त परियोजना के तहत इस बांध निर्माण के लिए 3824.40 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। गौरतलब है जिले में हथनापुर सहित इसके आस पास के गांवों के लोगों द्वारा पिछले कई सालों से यहां की पानी की समस्या के निराकरण की मांग की जा रही थी। यहां पहाड़ी अंचल के निचले इलाके के मैदान ग्राम होने के कारण सर्दियों के अंत तक पानी की समस्या खड़ी हो जाती है,जिससे यहां के लोगों को खेती करना भी मुश्किल हो जाता है।यहां के ग्रामवासियों के मुताबिक यहां का जलस्तर काफी नीचे पहुंच गया है जिसके कारण यहां हमेशा पानी की समस्या बनी रहती है। हथनापुर,ह्दयपुर,ग्वारी और बरखोहा जैसे गांवों में पानी 5 सौ 6 फीट तक नीचे निकलता है। बहरहाल बांध के निर्माण का रास्ता प्रशस्त होने से यहां के लोगों में पानी की समस्या के निराकरण की उम्मीद बढ़ गई है।
फैक्ट फाइल
बांध प्रोजेक्ट की लागत- 3824.40 करोड़
बांध की ऊंचाई- 95.40 मीटर
बांध की लंबाई=384.435 मीटर
कुल भंडारण क्षमता-445.73 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर )
जिले के लाभांवित ग्राम-188
जिले में सिंचाई का लक्ष्य-6400 हेक्टेयर
जिले में डूब क्षेत्र में आने वाली भूमि-867 हेक्टेयर

शक्कर नदी पर बांध के निर्माण काम अडानी गु्रप को मिला है,इसके लिए विभागीय स्तर पर 29 नवंबर को अनुबंध पत्र संपादित किया जाएगा। इसके बाद इसके लिये वन और पर्यावरणीय स्वीकृति की कार्रवाई की जाएगी। बांध का निर्माण अनुबंध पत्र के संपादित होने के बाद 72 माह में पूरा किए जाने की कार्ययोजना है।
अंकुर शर्मा एक्जीक्यूटिव इंजीनियर रानी अवंती बाई नहर परियोजना