
kakkaji shiv kumar kakkaji
narsinghpur.गाडरवारा. केंद्र सरकार के तीनों कृषि कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा नई गल्ला मंडी में किसान महा पंचायत का आयोजन किया गया। मह ापंचायत को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के अध्यक्ष शिवकुमार कक्काजी ने कहा कि केंद्र सरकार ने जो किसान विरोधी तीन काले कानून जारी किए हैं, वह किसान के हित में नहीं बल्कि किसानों की मौत का फ रमान हंै। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले मध्य प्रदेश के किसान भी दिल्ली के आंदोलन में सहयोग कर रहे हैं। किसान को सोचना चाहिए कि 70 प्रतिशत किसानों के वोट हैं। लेकिन उसके बाद भी सरकार उनकी क्यों नहीं सुनती। हमें संगठित होकर यह लड़ाई लडऩा है और यह लड़ाई तब तक खत्म नहीं होगी,जब तक केंद्र सरकार काले कानून वापस नहीं ले लेती। महा पंचायत में सैकड़ों की संख्या में साईंखेड़ा,चीचली ब्लाक से किसान ट्रैक्टर मार्च लेकर मंडी पहुंचे। ट्रैक्टर मार्च के आगे आगे किसान नेता जय बलराम जय किसान के नारे लगाते हुए चल रहे थे। महापंचायत को किसान नेता बादल सरोज ने संबोधित करते हुए कहा कि देश में चल रहे किसान आंदोलन में लगभग 300 से ज्यादा किसान अपनी शहादत दे चुके हैं लेकिन मोदी सरकार किसानों की आवाज को दबा रही है। अब किसान जाग चुका है, किसानों के छोटे छोटे संगठन एक होकर संयुक्त मोर्चा के माध्यम से अपनी लड़ाई लड़ रहे हंै। ट्रैक्टर मार्च का नेतृत्व करने वाले दिनेश ढिमोले ने कहा कि हमारी लड़ाई निरंतर जारी रहेगी। महा पंचायत को कृषक नेता राहुल राज,बृजमोहन कौरव,सुरेश पटेल सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। किसान मार्च में विधायक सुनीता पटेल ने ट्रैक्टर पर सवार शिरकत की और संयुक्त किसान मोर्चा के आंदोलन को समर्थन दिया।उनके साथ पूर्व विधायक दीनदयाल ढिमोले, जिला कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष अशोक काबरा, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष जिनेश जैन, दिग्विजय सिंह सहित कांग्रेस के पदाधिकारी मौजूद थे। युवा नेता आदित्य पलिया ने भी जुलूस में शामिल होकर अपना समर्थन दिया। कार्यक्रम का संचालन जगदीश पटेल किया। मंच पर सोमनाथ तिवारी, राजकुमार जूदेव, हेमराज पटेल, ऋषि राज पटेल, माया विश्वकर्मा सहित संयुक्त किसान मोर्चा के वरिष्ठ पदाधिकारी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
सभा के बाद सौंपा १८ सूत्रीय ज्ञापन
सभा के उपरांत संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा 18 सूत्री मांगों का ज्ञापन स्थानीय प्रशासन को सौंपा गया। ज्ञापन में प्रमुख रूप से तीनों कृषि अध्यादेश देशों को वापस लेने, न्यूनतम समर्थन मूल्य एमएसपी स्वामीनाथन के अनुसार खरीदी गारंटी कानून बनाने,कर्ज माफ ी योजना के अंतर्गत शेष किसानों की तत्काल कर्ज माफ करने,कृषक सम्मान निधि प्रति एकड़ बढ़ाकर 12000 रुपए सुनिश्चित करने,बिजली बिलों की अवैध वसूली तत्काल रोकने, धनलक्ष्मी कंपनी द्वारा की जा रही अवैध वसूली बंद करने एवं किसान मजदूर परिवारों को निर्माण कार्य हेतु शासन द्वारा निशुल्क रेत उपलब्ध कराने,वनवासी आदिवासी किसानों को सरकारी पट्टे जारी करने,शिक्षित बेरोजगार छात्रों को बेरोजगारी भत्ता 3000 रुपया प्रतिमाह दिए जाने सहित अन्य मांगों का भी उल्लेख किया गया।
Published on:
10 Mar 2021 10:33 pm
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