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स्वतंत्रता सेनानी चौ. शंकरलाल दुबे की स्मृति में कार्यक्रम आज

भारत छोड़ो आंदोलन में जिले से गिरफ्तार होने वाले पहले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे

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narsinghpur

स्वतंत्रता सेनानी चौ. शंकरलाल दुबे की स्मृति में कार्यक्रम आज

नरसिंहपुर. महात्मा गांधी की 150वीं जयंती वर्ष पर आज पीजी कॉलेज के ऑडिटोरियम में स्वतंत्रता सेनानी चौ.शंकरलाल दुबे की स्मृति में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। डाक परिमण्डल द्वारा जारी किए गए डाक आवरण के सन्दर्भ में हो रहे कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति समेत अनेक गणमान्य जन शामिल होंगे। गौरतलब है कि भारतीय डाक विभाग मध्यप्रदेश परिमंडल ने 2 अक्टूबर को बापू के अनुयायी स्वतंत्रता सेनानी चौधरी शंकरलाल दुबे के सम्मान में विशेष आवरण जारी किया था। समारोह में महाकौशल के प्रमुख सेनानी दुबे के यशस्वी कृतित्व को विशेष रूप से रेखांकित किया जायेगा।
इस संबंध में एक प्रेस वार्ता में जानकारी देते हुए आयोजन समिति के संरक्षक विनय शंकर दुबे ,स्वागत अध्यक्ष सुनील जायसवाल और संयोजक विजयदत्त श्रीधर ने बताया कि शासकीय विवेकानंद पीजी महाविद्यालय के सभागृह में बापू के प्रिय भजनों की सांगीतिक प्रस्तुति के साथ दोपहर 1.30 बजे समारोह शुरू होगा। जिसमें स्वतंत्रता सेनानी शंकरलाल दुबे के व्यक्तित्व और कृतित्व पर आधारित प्रदर्शनी लगाई जाएगी । समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री दिग्विजय सिह होंगे। विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति अध्यक्षता करेंगे। सन 1892 में ग्राम करताज, जिला नरसिंहपुर में जन्मे चौधरी शंंकरलाल दुबे ने बीए, एलएलबी करके सन 1917 में वकालत आरंभ की। सन 1920-21 में गांधीजी की अपील पर वकालत छोड़ असहयोग आंदोलन में शामिल हुए। 1923 में जबलपुर में राष्ट्रीय ध्वज के अपमान पर झण्डा सत्याग्रह में जेल गए सदमे से पत्नी की मृत्यु हो गई। जेलर ने पेरोल पर जाकर अंतिम संस्कार करने को कहा, परंतु चौधरी शंकरलाल दुबे ने माफी मांगने से इन्कार कर दिया। उन्हें 21 महीने की कारावास की सजा हुई। अगस्त 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में नरसिंहपुर जिले से गिरफ्तार होने वाले पहले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी चौधरी शंकरलाल दुबे थे। उन्हें मध्यप्रदेश के प्रमुख नेताओं के साथ तमिलनाडु के बेलोर जेल में रखा गया था। उन्होंने सन 1954 में नरसिंहपुर जिले के ग्राम बोहानी में पूर्व मालगुजार चौधरी राघव सिंह को कृषि विद्यालय की स्थापना के लिए 256 एकड़ कृषि भूमि, बाखर और 16 जोड़ी हल बखर सहित किसानी के उपकरण दान करने के लिए प्रेरित किया। उस समय यह मध्य प्रान्त का सबसे बड़ा दान था जिसे ग्रहण करने के लिए मध्य प्रान्त के मुख्यमंत्री पं. रविशंकर शुक्ल स्वयं बोहानी आए थे। चौधरी शंकरलाल दुबे की स्वतंत्रता संग्राम में भागीदारी और सुदीर्घ समाजसेवा के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए मध्यप्रदेश शासन ने नरसिंहपुर जिला अस्पताल का नामकरण चौधरी शंकरलाल दुबे चिकित्सालय किया।