
Sri Krishna celebrated birth anniversary with great pomp during Bhagwat Katha
जब जब धरती पर पाप अत्याचार बढ़ते है तब जन्म लेते हंै भगवान
भागवत कथा के दौरान धूमधाम से मनाया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
तेंदूखेड़ा- जब जब धरती पर अनीति अत्याचार अधर्म का साम्राज्य बढ़ता है तब तब भगवान स्वयं प्रलयकारी रूप धारण कर श्रृष्टि का उलटफेर किया करते है एवं जन्म लेकर धर्म और सनातन संस्कृति के उत्थान की दिशा में पुन: श्रृष्टि का निर्माण करते है। उक्त अमृत वचन तेंदूखेड़ा में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दौरान कथा व्यास कृष्णांक मिश्र के द्वारा श्री कृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर व्यक्त किये गये। इस मौके पर कथा व्यास ने स्पष्ट किया कि स्वयं भगवान जब अवतरित हो रहे थे तब उनके स्वयं माता पिता को कारागाह में कितनी यातनाएं दी गई, लेकिन प्रभु की शक्ति की एक अलग लीला है। विपत्तियां कितनी ही बड़ी क्यों न आ जायें कभी घबराना नहीं चाहिए। केवल परम सत्ता ईश्वर के श्रीचरणों में ही अपना ध्यान रखना चाहिएऔर सबकुछ उन्हीं पर आश्रित कर देना चाहिए। जब हम ईश्वर के अधीन आश्रित हो जाते है। तो हमारे संपूर्ण संतापों का हरण वो स्वयं कर लेते हंै। जब मनुष्य का अच्छा समय होता है तो उसे निश्चित तौर पर अच्छे काम करना चाहिए और इस समय का सदुपयोग करते हुए लोगों की भलाई के साथ पीडि़त वर्ग की सेवा में समय देना चाहिए। कथा व्यास ने बताया कि भगवान बांके विहारी ने जो लीलाएं की है उसके पीछे उनका एक अलग उद्देश्य रहा है और प्रत्येक लीला में मानव समाज को उन्होंने एक संदेश भी दिया है। प्रवचनों के दौरान भगवान श्री कृष्ण जन्मोत्सव भी समारोहपूर्वक मनाया गया। इसदौरान उपस्थित श्रद्धालुओं द्वारा मंगलगान गाये गये। महिलाओं ने नृत्य किये और बालस्वरूप भगवान बांके विहारी का पूजन अर्चन किया। 24 फरवरी को इस संगीतमय कथा का समापन भंडारा प्रसाद वितरण के साथ किया जायेगा। आयोजन में उमा कृष्ण नारायण शुक्ला रश्मि वीरेंद्र दुबे, रानू अभय द्विवेदी, शिवा कृष्णकुमार दुवे, अरूणा संतोष शुक्ला एवं सुनीता संजय शुक्ला का सराहनीय सहयोग मिला।
Published on:
24 Feb 2020 01:26 pm
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