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प्लास्टिक वाली पानी की एक खाली बोतल पर 10 रुपए का इनाम, कचरा प्रबंधन के लिए केदारनाथ में जिला प्रशासन की खास पहल

बोतलबंद पानी मौजूदा समय की बुनियादी जरूरत बन गई है। यात्रा हो या मीटिंग प्यास बुझाने के लिए बोतलबंद पानी का ही इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन इसके बढ़ते चलन के साथ प्रदूषण एक बड़ी समस्या बनकर उभरी है। अभी उत्तराखंड में चल रही पवित्र चारधाम यात्रा के दौरान भी इस समस्या को देखा गया है। अब स्थानीय जिला प्रशासन ने इस समस्या पर लगाम लगाने के लिए एक खास पहल शुरू की है।

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10 Rupee Reward on One Plastic Water Bottle in Kedarnath

इन दिनों उत्तराखंड में चारधाम यात्रा चल रही है। इस पवित्र यात्रा में शामिल होने के लिए देश-विदेश से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ के साथ चारधाम यात्रा पर प्रदूषण एक बड़ी परेशानी बनकर सामने आई है। बीते दिनों चारधाम यात्रा की कई तस्वीरें सामने आई थी, जिसमें यह पहाड़ी रास्ता प्लास्टिक पानी बोतल, खाने-पीने के सामान के रैपर आदि से पटी नजर आई थी। अब इस प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए जिला प्रशासन ने एक खास अभियान शुरू किया है।

रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने एक सामाजिक संस्था के साथ मिलकर पैदल मार्ग से केदारनाथ धाम तक 65 दुकानों पर क्यूआर कोड वाला बोतल बंद पानी दिया है। इन बोतलों की खरीद के वक्त यात्रियों से 10 रुपए ज्यादा लिए जा रहे हैं। खाली बोतल वापस लाने पर यात्री को दस रुपए लौटाए जा रहे हैं। यही नहीं अगर यात्री बोतल को इधर-उधर फेंक देता है, तो उसे एकत्रित करने वाले को दस रुपए इनाम में दिया जा रहा है।

डीएम बोले- पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू हुई पहल-
रुद्रप्रयाग के डीएम मयूर दीक्षित ने बताया कि केदारनाथ धाम में प्लास्टिक कचरे की समस्या को दूर करने और यात्रियों में जागरूकता को लेकर पायलट प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है, जिसके तहत क्यूआर कोड की प्लास्टिक बोतल को धाम से वापस लाने पर दस रुपए दिए जा रहे हैं। जिला प्रशासन की इस पहल का हर कोई स्वागत कर रहा है।

12 दिनों में 70 क्विंटल कचरा किया गया एकत्र-
उल्लेखनीय हो कि जिला प्रशासन गौरीकुंड से केदारनाथ तक 18 किमी पैदल मार्ग में प्लास्टिक उन्मूलन को लेकर विशेष अभियान चला रहा है। सुलभ इंटरनेशनल की ओर से बीते 12 दिनों में सफाई अभियान चलाते हुए अभी तक 70 क्विंटल से अधिक कूड़ा-कचरा एकत्रित किया जा चुका है, जिसमें 35 क्विंटल प्लास्टिक कचरा है। कपाट खुलने के बाद से अभी तक तीन हजार खाली बोतलें एकत्रित की गई हैं। इन बोतलों को जल्द रिसाइकिल के लिए भेजा जाएगा।

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खाली बोतलों को जमा करने के लिए बनाए गए सेंटर-
जिला प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार खाली बोतलों को जमा करने के लिए गौरीकुंड, केदारनाथ मंदिर परिसर और केदारपुरी में तीन डिपॉजिट सेंटर बनाए गए हैं। यात्रियों से निरंतर क्यूआर कोड वाली बोतल खरीदने की अपील की जा रही है। बता दें कि बीते दिनों चारधाम यात्रा में फैली गंदगी पर पीएम नरेंद्र मोदी ने भी चिंता जाहिर की थी।