
राजस्थान के 189 बांधों का होगा पुनर्वास व संरक्षण
नई दिल्ली। केंद्र सरकार की बांध पुनर्वास एवं सुधार परियोजना (डीआरआईपी) के तहत 19 राज्यों के 736 बांधों का पुनर्वास व संरक्षण किया जाएगा। इनमें राजस्थान के पाली के जवाई और जोधपुर के जसवंत सागर बांध भी शामिल हैं। केंद्र सरकार ने परियोजना के दूसरे व तीसरे चरणों की शुरुआत करते हुए इन बांधों को शामिल किया है। इनके सुधार कार्यों पर 10 हजार 211 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
जल शक्ति मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत ने गुरुवार को लोकसभा में पाली के सांसद पी.पी. चौधरी के तारांकित प्रश्न के जवाब में यह जानकारी दी। बांधों की जल वैज्ञानिकी, सरंचनात्मक व परिचालन तथा सुरक्षा में सुधार के लिए लाई गई परियोजना के पहले चरण में मार्च 2012 से 2021 तक सात राज्यों के 223 बांधों का 2567 करोड़ रुपए की लागत से पुनर्वास किया गया था। दस वर्ष अवधि वाले दूसरे व तीसरे चरण को अक्टूबर 2020 में मंजूरी दी गई थी। बाह्य वित्त पोषण के जरिए दूसरे चरण में 5107 करोड़ व तीसरे चरण में 5104 करोड़ रुपए खर्च होंगे। प्रत्येक चरण में 500 मिलियन अमरीकी डॉलर का बाह्य ऋण शामिल है। विश्व बैंक ने दूसरे चरण के लिए 121 बांधों के पुनर्वास प्रस्तावों के लिए 4175 करोड़ रुपए की राशि के साथ मंजूरी दी है। विभिन्न कार्यान्वयन एजेंसियों व राज्यों ने 2520 करोड़ की निविदाएं आमंत्रित कर 1560 करोड़ रुपए के ठेके दे दिए हैं। गत 30 जून तक दूसरे चरण में 733 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं।
सर्वाधिक 31 बांध भीलवाड़ा के
शेखावत के अनुसार परियोजना में शामिल किए गए बांधों में सर्वाधिक 31 बांध भीलवाड़ा के हैं। इसके अलावा बांसवाड़ा के 22, सिरोही के 21, चित्तौड़गढ़ के 15, पाली के 14, प्रतापगढ़ के 11, उदयपुर के नौ, झालावाड़ के 8, जयपुर व बूंदी के 7-7, दौसा के 6, राजसमंद, करौली व सवाई माधोपुर के 5-5 तथा कोटा, जालोर व अजमेर के 2-2 बांधों व टोंक के बिसलपुर बांध का भी पुनर्वास किया जाएगा।
Published on:
20 Jul 2023 10:38 pm
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