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29 साल बाद धर दबोचा आतंकी, 1996 बम ब्लास्ट के बाद से फरार

1996 Bomb Blast: 1996 में हुए भीषण बम धमाके के आरोपी सादिक राजा को 29 साल बाद कर्नाटक के विजयपुरा से गिरफ्तार कर लिया है। सादिक राजा इस धमाके के बाद से फरार था।

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भारत

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Devika Chatraj

Jul 11, 2025

1996 Bomb Blast (प्रतीकात्मक फोटो0

कोयंबटूर पुलिस ने 1996 में हुए भीषण बम धमाके के मुख्य आरोपी सादिक राजा को 29 साल बाद कर्नाटक के विजयपुरा से गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। सादिक राजा इस धमाके के बाद से फरार था और उसने अपनी पहचान छिपाकर विजयपुरा में सब्जी विक्रेता के रूप में सामान्य जिंदगी जी रहा था।

क्या था 1996 कोयंबटूर बम ब्लास्ट?

1996 में कोयंबटूर में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों ने शहर को दहला दिया था। इन हमलों में कई लोग हताहत हुए थे, और सादिक राजा पर इस आतंकी घटना का मास्टरमाइंड होने का आरोप था। धमाकों के बाद वह फरार हो गया और तमिलनाडु, बेंगलुरु, हुबली सहित कई शहरों में ठिकाने बदलकर पुलिस को चकमा देता रहा। विजयपुरा में उसने नकली नाम से सब्जी बेचने का काम शुरू किया और हुबली की एक महिला से शादी कर समाज में घुल-मिल गया।

पुलिस का गुप्त ऑपरेशन

कोयंबटूर पुलिस को हाल ही में सादिक के बारे में पुख्ता जानकारी मिली। इसके आधार पर एक गुप्त ऑपरेशन शुरू किया गया, जिसमें विजयपुरा पुलिस को भी पहले से कोई सूचना नहीं दी गई थी। संदेह के आधार पर सादिक को हिरासत में लिया गया, और अन्य गिरफ्तार आरोपियों की मदद से उसकी पहचान की पुष्टि हुई। इसके बाद उसे तमिलनाडु लाया गया, जहां उससे पूछताछ जारी है।

अन्य धमाकों में भी संलिप्तता

पुलिस सूत्रों के अनुसार, सादिक राजा न केवल 1996 के कोयंबटूर धमाके में शामिल था, बल्कि मदुरै और नागोर में हुए अन्य बम धमाकों में भी उसकी भूमिका थी। उसकी गिरफ्तारी से पुलिस को उम्मीद है कि बाकी फरार आरोपियों और इन धमाकों की साजिश से जुड़ी अहम जानकारियां सामने आएंगी।

कानून के लंबे हाथ

पुलिस का कहना है कि यह गिरफ्तारी इस बात का सबूत है कि कानून के हाथ लंबे हैं, और अपराधी कितने भी समय तक छिपने की कोशिश करें, एक दिन वह पकड़े जाते हैं। सादिक की गिरफ्तारी को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ी जीत माना जा रहा है।