लद्दाख में शुक्रवार को भूस्खलन के बाद हुए सड़क हादसे में भारतीय सेना के 6 जवानों की मौत हो गई। सुबह लद्दाख से दूसरे ग्लेशियर जा रहे भारतीय सेना के काफिले के तीन वाहन भूस्खलन की चपेट में आ गए, जिससे यह दर्दनाक हादसा हुआ है।
लद्दाख में शुक्रवार को भीषण लैंडस्लाइड की खबर आ रही है। इस लैंडस्लाइड के चलते सेना के 6 जवानों की मौत हो गई। यह हादसा सुबह के समय हुआ है, जिसमें सेना के 3 वाहन चपेट में आ गए। सेना की ये तीनों गाड़िया लद्दाख से दूसरे ग्लेशियर कि ओर जा रहे थे, इसी दौरान यह हादसा हुआ। ये लैंडस्लाइट इतना खतरनाक था कि सेना के काफिले में शामिल तीनों वाहनों सहित 6 जवान इसकी चपेट में आ गए। हादसे के संबंध में अधिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। भारतीय सेना ने इस घटना की पुष्टि भी की है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
बाताया जा रहा है कि इस इलाके में लैंडस्लाइट की घटनाएं होती रहती है। यह घटना उत्तराखंड के उत्तरकाशी में हुए हिमस्खलन के बाद हुआ है। बता दें, उत्तरकाशी में मंगलवार को आए हिमस्खखन के 80 घंटे बीत जाने के बाद भी कई जिंदगियां बर्फ में दबी हुई हैं। अब तक इस घटना की चपेट में हाए द्रौपदी के डांडा-2 पर्वत चोटी से 26 शव बरामद किए जा चुके हैं। जानकारी के अनुसार, अब तक 3 लोगों के फंसे होने की आशंका है।
खराब मौसम की वजह से सेना को रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ITBP के जवान बरामद किए गए लाशों को बेस कैंप में लाकर सुरक्षित स्थान पर रख रही है। रेस्क्यू ऑपरेशन में NDRF के साथ-साथ राज्य डीआरएफ, हाई एल्टीट्यूट वारफेयर स्कूल और जम्मू-कश्मीर के गुलर्मग के विशेषज्ञों की एक टीम भी शामिल है। इनके साथ ही इंडियन व तिब्बत पुलिस भी राहत बचाव कार्य में जुटी हुई है।
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