
Indian LPG Tanker Strait of Hormuz
Iran-Israel War: ईरान-इजरायल जंग का असर अब भारत में घर-घर तक दिख रहा है। LPG सिलेंडर की किल्लत से परेशान होकर गैस एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी लाइनें लग गई। सरकार ने भी LPG सिलेंडर रीफिलिंग की बुकिंग अवधि को शहरी इलाकों के लिए 25 दिन और ग्रामीण इलाकों के लिए 45 दिन कर दिया है। ऐसे में दुनिया के दूसरे छोड़ से भारत के दोस्त ने मदद का हाथ बढ़ाया है।
लगभग 20 हजार किलोमीटर दूर दक्षिणी अमेरिकी देश अर्जेंटीना ने भारत को LPG आपूर्ति बढ़ा दी है। अकेले 2026 की पहली तिमाही में ही, अर्जेंटीना ने भारत को 50,000 टन LPG का निर्यात किया। जो कि 2025 के पूरे साल में भेजे गए 22,000 टन से भी दोगुना से ज्यादा है। करीब 39 हजार टन LPG पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने से पहले ही अर्जेंटीना से भारत पहुंच चुका था। 5 मार्च को 11 हजार टन LPG और भेजी गई। गौरतलब बात यह है कि 2024 से भारत अर्जेंटीना ने भारत को कभी भी LPG की सप्लाई नहीं की थी। भारत में अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो अगस्टिन कौसिनो ने कहा कि हमारा देश भारत की ऊर्जा सुरक्षा में और भी बड़ी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
मारियानो अगस्टिन कौसिनो ने कहा कि अर्जेंटीना के पास गैस के बहुत बड़े भंडार हैं। हमारी राष्ट्रीय गैस और तेल कंपनी के अध्यक्ष ने पिछले साल दो बार यहां का दौरा किया था। उन्होंने भारत की ऊर्जा कंपनियों के साथ बातचीत की। अर्जेंटीना की तेल कंपनियों ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी से बातचीत भी की थी। भारत और अर्जेंटीना के बीच सहयोग अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन प्रक्रिया में काफी तेजी आई है। मौजूदा हालात दोनों देशों के लिए इस क्षेत्र में मिलकर काम करने और आपसी समझ को और भी ज्यादा मजबूत बनाने की जरूरत को बढ़ा सकते हैं।
इधर, ट्रैकिंग डेटा से पता चला है कि भारत के झंडे वाले LPG लदे दो जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरे हैं। इन पर करीब 92,600 टन से ज्यादा LPG हैं। ये जहाज 26 से 28 मार्च तक भारतीय पोर्ट पर अपना लंगर डालेंगे। ट्रैकिंग डेटा के अनुसार
जग वसंत और पाइन गैस जहाज सोमवार की सुबह UAE और कुवैत के तट से उत्तर की ओर ईरान के केश्म और लारक द्वीपों की तरफ से गुजरे। वही, अभी भी सैकड़ों जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के अंदर व बाहर लंगर डाले खड़े हैं। होर्मुज में ब्लॉकेड की वजह से भोजन, ऊर्जा और अन्य जरूरी चीजों का आयात पूरी तरह से ठप हो गया है।
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच भारतीय नौसेना ने ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा नाम के मिशन को लॉन्च किया है। इस मिशन के तहत अरब सागर में नेवी ने 5 युद्धपोत तैनात किए हैं। इनका मकसद उन मालवाहक जहाज़ों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है। जो ईरान के नियंत्रण वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के संकरे रास्ते से बाहर निकलकर भारत की ओर बढ़ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते अभी करीब 20 मालवाहक जहाज मध्य एशिया में फंसे हुए हैं।
Published on:
26 Mar 2026 09:06 am
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